बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने चुनाव आयोग की असहमति रिपोर्ट को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दावा सही नहीं है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की वजह से बीजेपी बंगाल चुनाव जीती। पात्रा ने कहा कि यह तर्क दिया जा रहा है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की वजह से बीजेपी बंगाल में जीती। सबसे ज़्यादा वोट 20 विधानसभा सीटों पर हटाए गए थे। इनमें से 13 सीटों पर TMC जीती और 6 सीटों पर BJP जीती। अगर हम वोट चोरी करके जीते हैं, तो फिर आधी से ज़्यादा सीटें कैसे हार गए? पात्रा ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से ही जनता ने विपक्षी पार्टियों को नकार दिया है।
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उन्होंने कहा कि आपको याद होगा कि 2014 में मोदी जी के सत्ता में आने के बाद से ही जनता ने सभी विपक्षी राजनीतिक दलों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस को यह एहसास हुआ कि वह भारत के लोगों का दिल नहीं जीत सकती, तो उसने संवैधानिक संस्थाओं पर हमले शुरू कर दिए। पात्रा ने कहा जब कांग्रेस पार्टी को एहसास हुआ कि वह भारत के लोगों का दिल नहीं जीत सकती, तो उसने संवैधानिक संस्थाओं पर हमले शुरू कर दिए। उन्होंने विपक्ष पर भारत के चुनाव आयोग पर बार-बार हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे ECI पर हमले करते रहे हैं। लेकिन अब ECI ने एक विस्तृत नोट जारी किया है।
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पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग के नोट से पता चलता है कि सभी चुनाव आयुक्तों के बीच आधिकारिक बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि इस नोट के अनुसार, यह देखा गया है कि सभी चुनाव आयुक्तों के बीच आधिकारिक बातचीत हुई है। पात्रा ने कहा, इससे पता चलता है कि यही लोकतांत्रिक प्रक्रिया की खूबसूरती है। सभी विचार-विमर्श के बाद, सभी चुनाव आयुक्त एक ही राय पर सहमत थे।

