पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार की देखरेख में हुए 2026 के विधानसभा चुनाव और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की भी मांग की। बनर्जी ने कहा बीजेपी और ज्ञानेंद्र कुमार एक जॉइंट वेंचर कंपनी की तरह हैं। उन्होंने मिलकर बंगाल चुनाव में धांधली की। अगर आपमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो हमारा चुनाव हमें वापस लौटा दें। उनके ये बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन को खत्म करने के कुछ महीनों बाद आए हैं। शुरुआती नतीजों में BJP ने 293 में से 207 सीटें जीतीं और बहुमत के लिए ज़रूरी 147 सीटों का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया, जबकि TMC को 80 सीटें मिलीं।
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भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर कामकाज और पारदर्शिता को लेकर बड़ा अंदरूनी विवाद सामने आया है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में बिना उनकी जानकारी के लिए गए कई बड़े फैसलों और जारी किए गए आदेशों पर कड़ा ऐतराज जताया है। हालांकि चुनाव आयोग के सूत्रों ने उस मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेद हैं। सूत्रों ने कहा कि SIR से जुड़े फैसलों समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से सर्वसम्मति से लिए गए थे। लेकिन अब इस पर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में फिर से चुनाव कराने की मांग की। यह मांग चुनाव आयोग के भीतर SIR प्रक्रिया को लेकर हुए मतभेद के बीच की गई है।

