SIR रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग, Arvind Kejriwal का आरोप

SIR रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग, Arvind Kejriwal का आरोप

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मांग की कि मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की पूरी प्रक्रिया रद्द की जाए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। केजरीवाल ने अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि कुमार निर्वाचन आयोग को अपने स्तर पर चला रहे हैं, जिससे देशभर में की जा रही एसआईआर की पूरी प्रक्रिया ‘‘अवैध’’ हो गई है। खबर के अनुसार, मतदाता सूची को अद्यतन करने की कवायद के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार निर्वाचन आयोग के कदमों पर आपत्ति जताई थी।

केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘कई महीनों से निर्वाचन आयोग की बैठकें नहीं हो रही हैं, जबकि ज्ञानेश कुमार अपने स्तर पर आदेश जारी करते रहे हैं। इसलिए पूरी एसआईआर प्रक्रिया अवैध है, जिसके तहत देशभर में 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकृति नहीं दी है।’’
‘आप’ प्रमुख ने कहा, ‘‘इसलिए आज हम मांग करते हैं कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया रद्द की जाए, एसआईआर के तहत किए गए सभी बदलाव रद्द किए जाएं और तीन साल पहले की मतदाता सूची बहाल की जाए।’’
उन्होंने कहा कि कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। केजरीवाल ने दावा किया कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार, कुमार पिछले कुछ वर्षों से निर्वाचन आयोग को अपने स्तर पर चला रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बार-बार लिखित शिकायतें दी हैं कि निर्वाचन आयोग की मंजूरी या अधिकृत अनुमति के बिना उनके अधीनस्थ अधिकारियों को आदेश जारी किए जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस देश में इससे बड़ा घोटाला नहीं हो सकता। यदि पूरी मतदाता सूची निर्वाचन आयोग के केंद्रीय कार्यालय से तैयार की जा रही है और इसे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या एसडीएम द्वारा तैयार नहीं किया जा रहा है, तो जरूर पूरे देश की मतदाता सूची से छेड़छाड़ की गयी है।’’
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची को अद्यतन कर ठीक किए जाने और मतदाता डेटाबेस के प्रबंधन के दौरान लिए गए फैसलों पर आपत्ति जताई थी। बहरहाल, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने कहा कि एसआईआर सहित भारत निर्वाचन आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से और दोनों निर्वाचन आयुक्तों तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त की मंजूरी से लिए गए हैं।

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