बिहार पुलिस के ‘जन विश्वास संकल्प हमारा’ अभियान के तहत कैमूर में सुरक्षा और जागरूकता की पहल शुरू की गई है। कैमूर पुलिस की पुलिस दीदी टीम स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर छात्राओं को आत्मनिर्भर और सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रही है। टीम छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी सुरक्षा से जुड़े सवालों पर जानकारी दे रही है। साइबर अपराध और महिला सुरक्षा कानून की जानकारी अभियान के दौरान छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े कानून और कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी जा रही है। छात्राओं को डिजिटल दुनिया में होने वाली धोखाधड़ी और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचने के तरीके समझाए जा रहे हैं। इमरजेंसी में पुलिस की मदद लेने को कहा पुलिस दीदी टीम छात्राओं को बता रही है कि किसी भी आपात स्थिति, छेड़छाड़ या साइबर अपराध की स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में बिना झिझक पुलिस की सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। छात्राओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास पुलिस के अनुसार, जागरूकता कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो रही हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा और छात्राएं निडर होकर पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकेंगी। बिहार पुलिस के ‘जन विश्वास संकल्प हमारा’ अभियान के तहत कैमूर में सुरक्षा और जागरूकता की पहल शुरू की गई है। कैमूर पुलिस की पुलिस दीदी टीम स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर छात्राओं को आत्मनिर्भर और सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रही है। टीम छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी सुरक्षा से जुड़े सवालों पर जानकारी दे रही है। साइबर अपराध और महिला सुरक्षा कानून की जानकारी अभियान के दौरान छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े कानून और कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी जा रही है। छात्राओं को डिजिटल दुनिया में होने वाली धोखाधड़ी और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचने के तरीके समझाए जा रहे हैं। इमरजेंसी में पुलिस की मदद लेने को कहा पुलिस दीदी टीम छात्राओं को बता रही है कि किसी भी आपात स्थिति, छेड़छाड़ या साइबर अपराध की स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में बिना झिझक पुलिस की सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। छात्राओं में बढ़ रहा आत्मविश्वास पुलिस के अनुसार, जागरूकता कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो रही हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा और छात्राएं निडर होकर पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकेंगी।

