बिहार में नदी में डूबने के अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई, इनमें 7 लड़कियां हैं। पटना, बांका, जमुई, औरंगाबाद और नालंदा में हादसा हुआ है। वहीं मुंगेर में एक महिला गंगा की बीच धार में डूबने लगी, जिसे चार गोताखोरों ने अपनी जान पर खेलकर बचाया। महिला के रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है। पटना के बाढ़ में गंगा में 11 लोग डूब गए, जिनमें 4 को बचा लिया गया, एक युवक की मौत हो गई, जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कहां कैसे हादसा हुआ और कितनी मौतें हुईं.. मुंगेर: महिला को बचाने का लाइव वीडियो मुंगेर के बबुआ घाट पर गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने से करीब 55 साल की निर्मला देवी गहरे पानी में चली गईं। बड़ी बाजार निवासी निर्मला देवी तेज धार में बहते हुए कष्टहरणी गंगा घाट के पास नदी की बीच धार तक पहुंच गईं और डूबने लगीं। महिला को डूबता देख घाट पर तैनात गोताखोर शंभू यादव, आनंद राज, सौरभ कुमार और विशाल कुमार तुरंत गंगा में उतर गए। चारों गोताखोरों ने तेज धार के बीच पहुंचकर महिला को पकड़ा और काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद 112 पुलिस की मदद से उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद महिला को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। महिला ने आभार जताने के लिए गोताखोरों को अपनी सोने की लॉकेट देनी चाही, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया। जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने महिला की जान बचाने वाले गोताखोरों की साहस की सराहना की। पटना: गंगा में 11 लोग डूबे, एक की मौत; 6 लापता पटना जिले बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में कर्मा पूजा के दौरान गंगा नदी में भाई-बहन समेत कुल 11 लोग डूब गए। जिसमें से 1 की मौत हो गई। जबकि 4 लोगों को बचा लिया गया, 6 लापता की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस घाट पर कर्मा पूजा के लिए मूर्ति विसर्जन करने आए तीन नाबालिग डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने एक को बचा लिया, जबकि दो गंगा नदी में डूब गए। डूबे हुए बच्चों की पहचान गुलाबबाग नया टोला निवासी पीयूष कुमार (10 ) और सुजीत कुमार (15) के रूप में हुई है। पीयूष के पिता का नाम प्रेम पंडित और सुजीत के पिता का नाम बबलू चौधरी है। पीयूष की मां पूजा देवी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को मूर्ति विसर्जन के लिए भेजा था। उनके पिता भी पीछे से गंगा घाट जा रहे थे। इसी दौरान पीयूष का दोस्त भी मूर्ति विसर्जन के लिए आया हुआ था। मूर्ति विसर्जन के बाद दोस्त ने पीयूष से स्नान करने के लिए कहा। सभी एक साथ स्नान करने लगे और इसी दौरान तीनों डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने एक को बचा लिया गया, लेकिन उनका डूब गया। औरंगाबादः पोखर में डूबने से 2 लड़की की मौत
औरंगाबाद जिले में कर्मा पूजा के बाद पूजन सामग्री विसर्जन के दौरान पोखरे में 5 लड़की डूब गई। जिसमें से 2 की मौत हो गई, जबकि 3 को ग्रामीणों ने बचा लिया। अंबा थाना क्षेत्र के सिंघना गांव में बुधवार की सुबह पूजा के अवशेष विसर्जित करने गईं चार युवतियां गहरे पानी में डूबने लगीं। हादसे में 18 साल की आकांक्षा कुमारी की मौत हो गई, जबकि तीन युवतियों को ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया।
वहीं, हसपुरा थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में बुधवार सुबह कर्मा पूजा के बाद पूजन सामग्री विसर्जन के दौरान पोखर में स्नान करने गई 13 साल की किशोरी की डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान डुमरा गांव निवासी संजय साव की पुत्री सारधा कुमारी के रूप में हुई है। बांकाः 6 साल की बच्ची समेत 4 लड़कियों की मौत बांका में बुधवार सुबह डूबने से 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र के शंभूगंज ग्राम पंचायत कसबा में करमा-धरमा पर्व के दौरान दीघा तालाब में स्नान करने गईं तीन छात्राओं की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में हीरा तांती की बेटी पुष्पा कुमारी, संजीव उर्फ कट्कुन तांती की बेटी मौसम कुमारी और मन्नू तांती की बेटी सीमा कुमारी शामिल हैं। तीनों गांव के मध्य विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ती थीं। मंगलवार शाम करीब एक दर्जन सहेलियां पर्व की परंपरा के अनुसार तालाब में स्नान करने पहुंची थीं। इसी दौरान मौसम कुमारी तालाब में बनी गहरी खाई में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए पुष्पा और सीमा पानी में आगे बढ़ीं, लेकिन दोनों भी गहरे पानी में चली गईं, जब तक उन्हें निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी।
जमुई: पोखर में डूबीं दो बच्चियां, दोनों की मौत जमुई के अमरथ गांव में कर्मा पर्व की खुशियों के बीच मंगलवार देर शाम हादसा हो गया। महादेव स्थान पोखर में नहाने के दौरान दो बच्चियां गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान सतीश महतो की 15 साल की बेटी रानी कुमारी और बिजली महतो की 16 साल की बेटी चांदनी कुमारी के रूप में हुई। परिवार के लोगों के अनुसार, कर्मा पर्व को लेकर गांव की कई बच्चियां पोखर में नहाने गई थीं। इसी दौरान रानी और चांदनी पोखर के गहरे हिस्से में चली गईं। दोनों को डूबता देख अन्य बच्चियों ने शोर मचाया। ग्रामीणों ने दोनों को पानी से बाहर निकाला और परिजन उन्हें लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। बिहार में नदी में डूबने के अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई, इनमें 7 लड़कियां हैं। पटना, बांका, जमुई, औरंगाबाद और नालंदा में हादसा हुआ है। वहीं मुंगेर में एक महिला गंगा की बीच धार में डूबने लगी, जिसे चार गोताखोरों ने अपनी जान पर खेलकर बचाया। महिला के रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है। पटना के बाढ़ में गंगा में 11 लोग डूब गए, जिनमें 4 को बचा लिया गया, एक युवक की मौत हो गई, जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कहां कैसे हादसा हुआ और कितनी मौतें हुईं.. मुंगेर: महिला को बचाने का लाइव वीडियो मुंगेर के बबुआ घाट पर गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने से करीब 55 साल की निर्मला देवी गहरे पानी में चली गईं। बड़ी बाजार निवासी निर्मला देवी तेज धार में बहते हुए कष्टहरणी गंगा घाट के पास नदी की बीच धार तक पहुंच गईं और डूबने लगीं। महिला को डूबता देख घाट पर तैनात गोताखोर शंभू यादव, आनंद राज, सौरभ कुमार और विशाल कुमार तुरंत गंगा में उतर गए। चारों गोताखोरों ने तेज धार के बीच पहुंचकर महिला को पकड़ा और काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद 112 पुलिस की मदद से उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद महिला को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। महिला ने आभार जताने के लिए गोताखोरों को अपनी सोने की लॉकेट देनी चाही, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया। जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने महिला की जान बचाने वाले गोताखोरों की साहस की सराहना की। पटना: गंगा में 11 लोग डूबे, एक की मौत; 6 लापता पटना जिले बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में कर्मा पूजा के दौरान गंगा नदी में भाई-बहन समेत कुल 11 लोग डूब गए। जिसमें से 1 की मौत हो गई। जबकि 4 लोगों को बचा लिया गया, 6 लापता की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस घाट पर कर्मा पूजा के लिए मूर्ति विसर्जन करने आए तीन नाबालिग डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने एक को बचा लिया, जबकि दो गंगा नदी में डूब गए। डूबे हुए बच्चों की पहचान गुलाबबाग नया टोला निवासी पीयूष कुमार (10 ) और सुजीत कुमार (15) के रूप में हुई है। पीयूष के पिता का नाम प्रेम पंडित और सुजीत के पिता का नाम बबलू चौधरी है। पीयूष की मां पूजा देवी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को मूर्ति विसर्जन के लिए भेजा था। उनके पिता भी पीछे से गंगा घाट जा रहे थे। इसी दौरान पीयूष का दोस्त भी मूर्ति विसर्जन के लिए आया हुआ था। मूर्ति विसर्जन के बाद दोस्त ने पीयूष से स्नान करने के लिए कहा। सभी एक साथ स्नान करने लगे और इसी दौरान तीनों डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने एक को बचा लिया गया, लेकिन उनका डूब गया। औरंगाबादः पोखर में डूबने से 2 लड़की की मौत
औरंगाबाद जिले में कर्मा पूजा के बाद पूजन सामग्री विसर्जन के दौरान पोखरे में 5 लड़की डूब गई। जिसमें से 2 की मौत हो गई, जबकि 3 को ग्रामीणों ने बचा लिया। अंबा थाना क्षेत्र के सिंघना गांव में बुधवार की सुबह पूजा के अवशेष विसर्जित करने गईं चार युवतियां गहरे पानी में डूबने लगीं। हादसे में 18 साल की आकांक्षा कुमारी की मौत हो गई, जबकि तीन युवतियों को ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया।
वहीं, हसपुरा थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में बुधवार सुबह कर्मा पूजा के बाद पूजन सामग्री विसर्जन के दौरान पोखर में स्नान करने गई 13 साल की किशोरी की डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान डुमरा गांव निवासी संजय साव की पुत्री सारधा कुमारी के रूप में हुई है। बांकाः 6 साल की बच्ची समेत 4 लड़कियों की मौत बांका में बुधवार सुबह डूबने से 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र के शंभूगंज ग्राम पंचायत कसबा में करमा-धरमा पर्व के दौरान दीघा तालाब में स्नान करने गईं तीन छात्राओं की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में हीरा तांती की बेटी पुष्पा कुमारी, संजीव उर्फ कट्कुन तांती की बेटी मौसम कुमारी और मन्नू तांती की बेटी सीमा कुमारी शामिल हैं। तीनों गांव के मध्य विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ती थीं। मंगलवार शाम करीब एक दर्जन सहेलियां पर्व की परंपरा के अनुसार तालाब में स्नान करने पहुंची थीं। इसी दौरान मौसम कुमारी तालाब में बनी गहरी खाई में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए पुष्पा और सीमा पानी में आगे बढ़ीं, लेकिन दोनों भी गहरे पानी में चली गईं, जब तक उन्हें निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी।
जमुई: पोखर में डूबीं दो बच्चियां, दोनों की मौत जमुई के अमरथ गांव में कर्मा पर्व की खुशियों के बीच मंगलवार देर शाम हादसा हो गया। महादेव स्थान पोखर में नहाने के दौरान दो बच्चियां गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान सतीश महतो की 15 साल की बेटी रानी कुमारी और बिजली महतो की 16 साल की बेटी चांदनी कुमारी के रूप में हुई। परिवार के लोगों के अनुसार, कर्मा पर्व को लेकर गांव की कई बच्चियां पोखर में नहाने गई थीं। इसी दौरान रानी और चांदनी पोखर के गहरे हिस्से में चली गईं। दोनों को डूबता देख अन्य बच्चियों ने शोर मचाया। ग्रामीणों ने दोनों को पानी से बाहर निकाला और परिजन उन्हें लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

