भिंड के मालनपुर स्थित एसआरएफ तिराहे पर ट्रक से 141.455 किलो गांजा बरामद होने के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने ट्रक मालिक श्यामलाल राजपूत, करतार सिंह, किशनलाल और सुनील यादव को 12-12 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। चारों पर 2-2 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक को दो साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। ट्रक की तलाशी में मिला था 141.455 किलो गांजा अभियोजन के अनुसार 15 दिसंबर 2024 को मालनपुर पुलिस ने एसआरएफ तिराहे पर ट्रक क्रमांक RJ-11/GA-6033 को पकड़ा था। तलाशी के दौरान ट्रक से 141.455 किलो गांजा बरामद हुआ। आरोप था कि गांजा बिना वैध अनुज्ञप्ति के बिक्री के उद्देश्य से परिवहन किया जा रहा था। घटना दोपहर 12 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच की बताई गई। ट्रक बेचने का अनुबंध हुआ, आरटीओ में नामांतरण नहीं विवेचना में ट्रक के स्वामित्व को लेकर भी जांच की गई। सामने आया कि नवंबर 2024 में ट्रक बेचने का अनुबंध हुआ था, लेकिन आरटीओ रिकॉर्ड में वाहन का नामांतरण नहीं हुआ था। पुलिस ने मूल विक्रय अनुबंध की प्रति जब्त की। विवेचना के बाद घटना के समय ट्रक का स्वामित्व और नियंत्रण श्यामलाल राजपूत के पास होना पाया गया। मामले में श्यामलाल, करतार सिंह, किशनलाल, सुनील यादव और भोलाराम उर्फ भोला उर्फ भोलू पंडित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पत्र पेश किया गया। भोलाराम के खिलाफ धारा 8, 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत आरोप का विचारण हुआ। पहली बार अपराध का तर्क, कोर्ट ने नहीं दी राहत विचारण के दौरान चारों दोषियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने की बात कही। बचाव पक्ष ने उनके प्रथम अपराधी होने के आधार पर सजा में नरमी की मांग की थी। न्यायालय ने अपराध की प्रकृति, जब्त मादक पदार्थ की मात्रा और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए सजा में राहत देना उचित नहीं माना। न्यायालय ने चारों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 सहपठित धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत दोषी मानते हुए 12-12 साल के सश्रम कारावास और 2-2 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

