गयाजी पितृपक्ष मेला- 2026; फायर विभाग अलर्ट:विष्णुपद से टेंट सिटी तक जांच पड़ताल की, बिजली की तार, आपातकालीन व्यवस्था का किया निरीक्षण

गयाजी पितृपक्ष मेला- 2026; फायर विभाग अलर्ट:विष्णुपद से टेंट सिटी तक जांच पड़ताल की, बिजली की तार, आपातकालीन व्यवस्था का किया निरीक्षण

गया में पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। मंगलवार को जिला अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति प्रकाश के नेतृत्व में फायर विभाग की टीम ने शहर की कई खास और संवेदनशील जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान आग से बचाव की व्यवस्था, बिजली के तारों की हालत और आपात स्थिति में बचाव की तैयारियों का जायजा लिया गया। टीम ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी देखे। फायर विभाग की टीम ने पितृपक्ष मेला क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के ठहरने और आने-जाने वाली जगहों का भी निरीक्षण किया। इसमें विष्णुपद मंदिर परिसर, विभिन्न घाट, सीता कुंड, खेल परिसर, गया कॉलेज, प्रेतशिला और अक्षयवट शामिल हैं। टीम ने जांचा, हादसे के बाद फायर विभाग की गाड़ी आसानी से पहुंच पाएगी या नहीं टीम ने यह भी जांचा कि कोई हादसा होने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी और कर्मी मौके तक आसानी से पहुंच पाएंगे या नहीं। पितृपक्ष मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बनाई गई टेंट सिटी को लेकर फायर विभाग खास सावधानी बरत रहा है। टीम ने गांधी मैदान टेंट सिटी और गया रेलवे स्टेशन टेंट सिटी का भी निरीक्षण किया। यहां अस्थायी ढांचों, बिजली के तारों और आग से बचाव के लिए मौजूद संसाधनों की हालत जांची गई। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिए कि टेंट सिटी में आग से बचाव के नियमों का पूरी तरह पालन हो। बिजली के तारों पर खास नजर रखी जाए और कोई लापरवाही न हो। आग लगने की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने और तुरंत बचाव काम शुरू करने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रखने को कहा गया। भीड़ वाले स्थानों पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स पर जोर निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया, जहां मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। विष्णुपद मंदिर, घाट, अक्षयवट और प्रेतशिला जैसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति बस स्टैंड का भी निरीक्षण किया गया। यहां यात्रियों और श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही को देखते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली गई। संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को जरूरी सावधानियां बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया। संबंधित अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि मेला क्षेत्र में आग लगने की किसी भी संभावित घटना को रोकने के लिए पहले से सभी जरूरी सावधानियां बरती जाएं। विशेष रूप से विद्युत तारों की स्थिति की लगातार निगरानी, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन रास्तों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया। साथ ही किसी भी घटना की सूचना मिलने पर बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विभागों के बीच समन्वय से होगी लगातार निगरानी पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण भी इसी तैयारियों का हिस्सा है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में अग्निशमन विभाग की ओर से संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित कराने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि मेला अवधि में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तत्काल बचाव और राहत कार्य किया जा सके। गया में पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। मंगलवार को जिला अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति प्रकाश के नेतृत्व में फायर विभाग की टीम ने शहर की कई खास और संवेदनशील जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान आग से बचाव की व्यवस्था, बिजली के तारों की हालत और आपात स्थिति में बचाव की तैयारियों का जायजा लिया गया। टीम ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम भी देखे। फायर विभाग की टीम ने पितृपक्ष मेला क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के ठहरने और आने-जाने वाली जगहों का भी निरीक्षण किया। इसमें विष्णुपद मंदिर परिसर, विभिन्न घाट, सीता कुंड, खेल परिसर, गया कॉलेज, प्रेतशिला और अक्षयवट शामिल हैं। टीम ने जांचा, हादसे के बाद फायर विभाग की गाड़ी आसानी से पहुंच पाएगी या नहीं टीम ने यह भी जांचा कि कोई हादसा होने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी और कर्मी मौके तक आसानी से पहुंच पाएंगे या नहीं। पितृपक्ष मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बनाई गई टेंट सिटी को लेकर फायर विभाग खास सावधानी बरत रहा है। टीम ने गांधी मैदान टेंट सिटी और गया रेलवे स्टेशन टेंट सिटी का भी निरीक्षण किया। यहां अस्थायी ढांचों, बिजली के तारों और आग से बचाव के लिए मौजूद संसाधनों की हालत जांची गई। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिए कि टेंट सिटी में आग से बचाव के नियमों का पूरी तरह पालन हो। बिजली के तारों पर खास नजर रखी जाए और कोई लापरवाही न हो। आग लगने की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने और तुरंत बचाव काम शुरू करने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रखने को कहा गया। भीड़ वाले स्थानों पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स पर जोर निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया, जहां मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। विष्णुपद मंदिर, घाट, अक्षयवट और प्रेतशिला जैसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति बस स्टैंड का भी निरीक्षण किया गया। यहां यात्रियों और श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही को देखते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली गई। संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को जरूरी सावधानियां बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया। संबंधित अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि मेला क्षेत्र में आग लगने की किसी भी संभावित घटना को रोकने के लिए पहले से सभी जरूरी सावधानियां बरती जाएं। विशेष रूप से विद्युत तारों की स्थिति की लगातार निगरानी, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन रास्तों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया। साथ ही किसी भी घटना की सूचना मिलने पर बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विभागों के बीच समन्वय से होगी लगातार निगरानी पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण भी इसी तैयारियों का हिस्सा है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में अग्निशमन विभाग की ओर से संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित कराने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि मेला अवधि में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तत्काल बचाव और राहत कार्य किया जा सके।  

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