मुजफ्फरपुर पुलिस की नई पहल: 60+ बुजुर्गों का बनेगा डेटाबेस:अकेले रहने वालों को मिलेगी 24 घंटे मदद, पड़ोसी रखेंगे घरों पर नजर

मुजफ्फरपुर पुलिस की नई पहल: 60+ बुजुर्गों का बनेगा डेटाबेस:अकेले रहने वालों को मिलेगी 24 घंटे मदद, पड़ोसी रखेंगे घरों पर नजर

मुजफ्फरपुर में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए पुलिस ने विशेष पहल शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत जिले में ‘वरिष्ठ नागरिक पंजीकरण अभियान’ चलाया जाएगा और समर्पित वरिष्ठ नागरिक कोषांग का गठन किया जाएगा। पुलिस के पास जिले के 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों का सुरक्षित डेटाबेस तैयार होगा। इसमें नाम-पता के साथ आपातकालीन संपर्क, ब्लड ग्रुप और चिकित्सीय जानकारी दर्ज की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यह पहल खास तौर पर ऐसे बुजुर्गों के लिए उपयोगी होगी, जो अकेले रहते हैं या जिन्हें नियमित रूप से पुलिस सहयोग की जरूरत होती है। आपात स्थिति में पुलिस के पास पहले से उपलब्ध जानकारी के आधार पर सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी। थाने या बीट पुलिस पदाधिकारी के माध्यम से करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए संबंधित स्थानीय थाने में जाकर या अपने क्षेत्र के बीट पुलिस पदाधिकारी के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र भरकर संपर्क किया जा सकता है। पुलिस की ओर से ऑनलाइन पंजीकरण के लिए लिंक और क्यूआर कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अपना पंजीकरण जरूर कराएं, ताकि जरूरत के समय पुलिस को उनकी पहचान, संपर्क और जरूरी चिकित्सीय जानकारी उपलब्ध हो सके। 24×7 आपातकालीन सहायता की सुविधा वरिष्ठ नागरिक किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय थाना, मुजफ्फरपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष या डायल-112 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर इस व्यवस्था के जरिए पुलिस और उनके बीच सीधा संपर्क मजबूत किया जाएगा। चोरी-लूट रोकने के लिए ‘पड़ोसी समर्थन प्रणाली’ शुरू मुजफ्फरपुर में चोरी, छिनतई, गृहभेदन, डकैती और लूट जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने ‘पड़ोसी समर्थन प्रणाली’ अभियान भी शुरू किया है। पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण में पुलिस की सक्रियता के साथ नागरिकों की आपसी सतर्कता भी महत्वपूर्ण है। पुलिस के अनुसार, कई बार अपराधी ऐसे घरों या इलाकों को निशाना बनाते हैं, जहां निगरानी कम होती है या पड़ोसियों के बीच आपसी संवाद नहीं होता। इसी को देखते हुए नागरिकों को एक-दूसरे की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और पुलिस-जनसहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। घर बंद कर जाएं तो पड़ोसी को जरूर बताएं पुलिस ने लोगों से कहा है कि अगर किसी कारण से वे अपना घर छोड़कर बाहर या शहर से बाहर जा रहे हैं तो इसकी जानकारी किसी विश्वासपात्र पड़ोसी को जरूर दें। इससे पड़ोसी घर पर नजर रख सकेंगे और किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दी जा सकेगी। CCTV का एंगल सड़क की ओर रखें पुलिस ने घरों के बाहर लगे CCTV कैमरों को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। कैमरों का एंगल इस तरह रखने की अपील की गई है कि घर के साथ-साथ सड़क या घर के सामने का हिस्सा भी कैमरे में कवर हो सके। रात्रि के समय घर के बाहर की लाइटें चालू रखने की भी सलाह दी गई है। नौकर-किरायेदार का पुलिस सत्यापन जरूरी पुलिस ने घरेलू सहायकों, नौकरों और किरायेदारों को रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन कराने की अपील की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति के जरूरी वैध दस्तावेजों की प्रति अपने पास रखने को कहा गया है। संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखे तो तुरंत सूचना दें कॉलोनी, मोहल्ले या बहुमंजिला इमारतों में किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति, बिना नंबर प्लेट वाले वाहन या किसी घर की रेकी जैसी असामान्य गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत सतर्क होने की अपील की गई है। ऐसी स्थिति में स्थानीय पुलिस या संबंधित सहयोगी को सूचना देने को कहा गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को नजरअंदाज न करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय थाना, पुलिस नियंत्रण कक्ष या डायल-112 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस की पहल का मकसद दोनों अभियानों के जरिए पुलिस एक तरफ अकेले रहने वाले और सहायता की जरूरत वाले वरिष्ठ नागरिकों तक तेजी से पहुंचने की व्यवस्था तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर मोहल्लों और कॉलोनियों में नागरिकों की आपसी निगरानी को मजबूत करने की कोशिश है। पुलिस का फोकस पुलिस-जनसहयोग के जरिए वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और घरों की निगरानी मजबूत करने पर है। मुजफ्फरपुर में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए पुलिस ने विशेष पहल शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत जिले में ‘वरिष्ठ नागरिक पंजीकरण अभियान’ चलाया जाएगा और समर्पित वरिष्ठ नागरिक कोषांग का गठन किया जाएगा। पुलिस के पास जिले के 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों का सुरक्षित डेटाबेस तैयार होगा। इसमें नाम-पता के साथ आपातकालीन संपर्क, ब्लड ग्रुप और चिकित्सीय जानकारी दर्ज की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यह पहल खास तौर पर ऐसे बुजुर्गों के लिए उपयोगी होगी, जो अकेले रहते हैं या जिन्हें नियमित रूप से पुलिस सहयोग की जरूरत होती है। आपात स्थिति में पुलिस के पास पहले से उपलब्ध जानकारी के आधार पर सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी। थाने या बीट पुलिस पदाधिकारी के माध्यम से करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए संबंधित स्थानीय थाने में जाकर या अपने क्षेत्र के बीट पुलिस पदाधिकारी के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र भरकर संपर्क किया जा सकता है। पुलिस की ओर से ऑनलाइन पंजीकरण के लिए लिंक और क्यूआर कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अपना पंजीकरण जरूर कराएं, ताकि जरूरत के समय पुलिस को उनकी पहचान, संपर्क और जरूरी चिकित्सीय जानकारी उपलब्ध हो सके। 24×7 आपातकालीन सहायता की सुविधा वरिष्ठ नागरिक किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय थाना, मुजफ्फरपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष या डायल-112 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर इस व्यवस्था के जरिए पुलिस और उनके बीच सीधा संपर्क मजबूत किया जाएगा। चोरी-लूट रोकने के लिए ‘पड़ोसी समर्थन प्रणाली’ शुरू मुजफ्फरपुर में चोरी, छिनतई, गृहभेदन, डकैती और लूट जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने ‘पड़ोसी समर्थन प्रणाली’ अभियान भी शुरू किया है। पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण में पुलिस की सक्रियता के साथ नागरिकों की आपसी सतर्कता भी महत्वपूर्ण है। पुलिस के अनुसार, कई बार अपराधी ऐसे घरों या इलाकों को निशाना बनाते हैं, जहां निगरानी कम होती है या पड़ोसियों के बीच आपसी संवाद नहीं होता। इसी को देखते हुए नागरिकों को एक-दूसरे की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और पुलिस-जनसहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। घर बंद कर जाएं तो पड़ोसी को जरूर बताएं पुलिस ने लोगों से कहा है कि अगर किसी कारण से वे अपना घर छोड़कर बाहर या शहर से बाहर जा रहे हैं तो इसकी जानकारी किसी विश्वासपात्र पड़ोसी को जरूर दें। इससे पड़ोसी घर पर नजर रख सकेंगे और किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दी जा सकेगी। CCTV का एंगल सड़क की ओर रखें पुलिस ने घरों के बाहर लगे CCTV कैमरों को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। कैमरों का एंगल इस तरह रखने की अपील की गई है कि घर के साथ-साथ सड़क या घर के सामने का हिस्सा भी कैमरे में कवर हो सके। रात्रि के समय घर के बाहर की लाइटें चालू रखने की भी सलाह दी गई है। नौकर-किरायेदार का पुलिस सत्यापन जरूरी पुलिस ने घरेलू सहायकों, नौकरों और किरायेदारों को रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन कराने की अपील की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति के जरूरी वैध दस्तावेजों की प्रति अपने पास रखने को कहा गया है। संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखे तो तुरंत सूचना दें कॉलोनी, मोहल्ले या बहुमंजिला इमारतों में किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति, बिना नंबर प्लेट वाले वाहन या किसी घर की रेकी जैसी असामान्य गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत सतर्क होने की अपील की गई है। ऐसी स्थिति में स्थानीय पुलिस या संबंधित सहयोगी को सूचना देने को कहा गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को नजरअंदाज न करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय थाना, पुलिस नियंत्रण कक्ष या डायल-112 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस की पहल का मकसद दोनों अभियानों के जरिए पुलिस एक तरफ अकेले रहने वाले और सहायता की जरूरत वाले वरिष्ठ नागरिकों तक तेजी से पहुंचने की व्यवस्था तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर मोहल्लों और कॉलोनियों में नागरिकों की आपसी निगरानी को मजबूत करने की कोशिश है। पुलिस का फोकस पुलिस-जनसहयोग के जरिए वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और घरों की निगरानी मजबूत करने पर है।  

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