भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट नगर परिषद में सरकारी वाहनों के ईंधन व मरम्मत में सामने आई धांधली की शिकायतों के बाद व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुनील दत्त के अनुसार, उनके कार्यभार संभालने के बाद वाहनों का मासिक तेल खर्च खर्च 7.80 लाख से घटकर 4.50 लाख रुपए पर आ गया है। इस बीच, धांधली की शिकायत पर तैयार जांच रिपोर्ट अब नगर परिषद के सचिव गुलशन कुमार को सौंप दी गई है। सीएसआई ने बताया कि पहले पेट्रोल पंप सिटी में होने के कारण वाहनों के आने-जाने में अतिरिक्त ईंधन खर्च हो रहा था। इसलिए अब पंप बदलकर कैंट इंडस्ट्रियल एरिया में कर दिया है। नगर परिषद के सभी वाहनों (1 स्वीपर मशीन, 10 ट्रैक्टर और 2 जेसीबी) की आवाजाही और तय दूरी पर नजर रखने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग शुरू करा दी गई है। चालक का ये आरोप चालक ने विजिलेंस एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि संबंधित अधिकारी उसे नौकरी से निकालने की धमकी देता था। डीजल के बदले पर्ची देकर कैश मंगाता था। जीपीएस भी खराब कर दिए गए थे। ^मेरे पास जांच रिपोर्ट आ चुकी है। 2 दिन में इसका अध्ययन कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। -गुलशन कुमार, सचिव, कैंट।

