UP FSDA ने 5 जिलों के 7 फूड आउटलेट्स के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की

UP FSDA ने 5 जिलों के 7 फूड आउटलेट्स के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की

उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने पांच जिलों के सात फास्ट-फूड आउटलेट और रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की है। विभाग ने कहा कि निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की तैयारी और प्रसंस्करण स्थलों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। एफएसडीए की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में की गई छापेमारी के दौरान कीड़े-मकौड़ों और चूहों का प्रकोप, खराब हो चुके उत्पादों का इस्तेमाल तथा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के भंडारण एवं प्रसंस्करण के लिए अलग-अलग उचित व्यवस्था का अभाव जैसी कई खामियां पाई गईं।

विभाग ने बताया कि कानपुर में टुंडे कबाबी, वाराणसी में एक मोमोज आउटलेट और आगरा में ‘अमृतसरी कुलचा’ आउटलेट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा गाजियाबाद में एसी एंटरप्राइज, फ्लोको क्लॉक्स, बीकानेरवाला और नत्थूज के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। एफएसडीए ने बताया कि कई स्थानों पर नालियों में जमा गंदा पानी और कचरा मिला, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा था।

इसके अलावा कई जगहों पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री को रखा और इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने कहा, ‘‘कानपुर स्थित टुंडे कबाबी में स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में दुर्गंध थी।

कच्चे मांस का उचित तरीके से भंडारण नहीं किया गया था और शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों के बीच कोई अलगाव नहीं था। नालियों में जमा पानी से दुर्गंध और दूषण की स्थिति बन रही थी। ’’
वाराणसी के एक मोमोज आउटलेट में पैक खाद्य पदार्थों पर भविष्य की निर्माण तिथियां अंकित पाई गईं।

विभाग के अनुसार, वहां एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और सॉस भी रखे हुए थे और इस्तेमाल किए जा रहे थे। एफएसडीए ने बताया कि आगरा में संजय पैलेस के पास स्थित ‘अमृतसरी कुलचा’ आउटलेट में स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। खाद्य पदार्थों को अनुपयुक्त कागज में पैक किया जा रहा था।

दीवारों का पेंट उखड़ा हुआ था और एक्सपायरी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने सुधार होने तक प्रतिष्ठान बंद करने की सिफारिश की है। गाजियाबाद के एसी एंटरप्राइज में डीप फ्रीजर में चिकन और मटन से खून का रिसाव पाया गया, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा था।

वहां शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने की व्यवस्था नहीं थी। प्रसंस्करण क्षेत्र और बेसमेंट में अत्यधिक गंदगी तथा खुले ढक्कन रहित कूड़ेदान मिले। गाजियाबाद के युवराज नगर स्थित फ्लोको क्लॉक्स में डीप फ्रीजर बेहद गंदा पाया गया।

वहां भी शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के लिए अलग व्यवस्था नहीं थी। चिमनियों और अन्य उपकरणों पर गंदगी मिली तथा बर्तनों और उपकरणों की सफाई उचित तरीके से नहीं की जा रही थी। विभाग के अनुसार, गाजियाबाद के राज नगर स्थित नत्थूज में नालियों में जमा कचरे के कारण दुर्गंध पाई गई।

खाद्य परिसर में कीड़े-मकौड़ों और कॉकरोच का प्रकोप मिला। बची हुई मिठाइयों का अनुचित भंडारण, तेल का बार-बार इस्तेमाल और खुले कंटेनरों में खाद्य सामग्री रखने जैसी खामियां भी मिलीं। सब्जियां भी खुले में रखी हुई थीं, जिससे दूषण का खतरा था।

विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की है। गाजियाबाद के राजेंद्र नगर स्थित बीकानेरवाला में भी कीड़े-मकौड़ों का प्रकोप पाया गया। स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी।

सफाई क्षेत्र में गंदगी, जाम नालियां और रसोई में खुले कूड़ेदान मिले। विभाग ने जनहित में लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की है। एफएसडीए ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, खाद्य पदार्थों के दूषण को रोकना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।

विभाग ने बयान में कहा, ‘‘ निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर कमियों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों एवं विनियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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