कुसुमघाटी में आदिम जनजाति को 3 महीने से राशन नहीं:ग्रामीणों में आक्रोश, लोगों ने प्रखंड मुख्यालय घेराव की दी चेतावनी

कुसुमघाटी में आदिम जनजाति को 3 महीने से राशन नहीं:ग्रामीणों में आक्रोश, लोगों ने प्रखंड मुख्यालय घेराव की दी चेतावनी

गोड्डा जिले के बोआरीजोर प्रखंड की कुसुमघाटी पहाड़िया बस्ती में आदिम जनजातीय समुदाय के कार्डधारकों को डाकिया योजना के तहत तीन महीने से राशन नहीं मिला है। जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का करीब एक कुंटल 5 kg करके बकाया राशन नहीं मिलने से दर्जनों ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। देवनारायण मालतो और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के मुखिया और उनके प्रतिनिधि को भी इसकी जानकारी दी गई थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके राशन कार्ड में साल 2022 में ही सभी कॉलम भर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें नया राशन कार्ड नहीं मिला है। कई कार्डधारकों के कार्ड में जगह नहीं होने के कारण राशन की जानकारी कॉपी में लिखकर दर्ज की जा रही है। लगातार तीन महीने से राशन नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को दो वक्त का खाना जुटाने में मुश्किल हो रही है। वे पूछ रहे हैं कि पेट भरने के लिए अनाज कहां से लाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द राशन का वितरण नहीं हुआ और समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करेंगे। इस पूरे मामले पर बोआरीजोर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुमन शैलेश मुर्मू ने बताया कि यहां दो महीने का राशन पर्व से ही बकाया चलता आ रहा है। सितंबर महीने का फिंगर प्रिंट अब तक नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने विभाग के बड़े अधिकारी से बात की है। जुलाई और अगस्त महीने का राशन बुधवार तक ग्रामीणों को मिल जाएगा। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायत पर कब तक कार्रवाई करता है और लंबित राशन का वितरण कब शुरू होता है। गोड्डा जिले के बोआरीजोर प्रखंड की कुसुमघाटी पहाड़िया बस्ती में आदिम जनजातीय समुदाय के कार्डधारकों को डाकिया योजना के तहत तीन महीने से राशन नहीं मिला है। जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का करीब एक कुंटल 5 kg करके बकाया राशन नहीं मिलने से दर्जनों ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (MO) से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। देवनारायण मालतो और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के मुखिया और उनके प्रतिनिधि को भी इसकी जानकारी दी गई थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके राशन कार्ड में साल 2022 में ही सभी कॉलम भर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें नया राशन कार्ड नहीं मिला है। कई कार्डधारकों के कार्ड में जगह नहीं होने के कारण राशन की जानकारी कॉपी में लिखकर दर्ज की जा रही है। लगातार तीन महीने से राशन नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को दो वक्त का खाना जुटाने में मुश्किल हो रही है। वे पूछ रहे हैं कि पेट भरने के लिए अनाज कहां से लाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द राशन का वितरण नहीं हुआ और समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करेंगे। इस पूरे मामले पर बोआरीजोर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुमन शैलेश मुर्मू ने बताया कि यहां दो महीने का राशन पर्व से ही बकाया चलता आ रहा है। सितंबर महीने का फिंगर प्रिंट अब तक नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने विभाग के बड़े अधिकारी से बात की है। जुलाई और अगस्त महीने का राशन बुधवार तक ग्रामीणों को मिल जाएगा। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायत पर कब तक कार्रवाई करता है और लंबित राशन का वितरण कब शुरू होता है।  

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