मुजफ्फरपुर- बैंक डकैती मामले में 5 दोषियों को आजीवन कारावास:कोर्ट ने ढाई लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया, 2023 में की थी 27 लाख की डकैती

मुजफ्फरपुर- बैंक डकैती मामले में 5 दोषियों को आजीवन कारावास:कोर्ट ने ढाई लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया, 2023 में की थी 27 लाख की डकैती

मुजफ्फरपुर में साल 2023 में स्पंदना माइक्रो फाइनेंस से 27 लाख रुपए की डकैती केस में 5 दोषियों को आजीवन कारावास और ढाई-ढाई लाख रुपए की जुर्माना की सजा सुनाई गई है। घटना कांटी थाना क्षेत्र में हुई थी। एडीजे-3 सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने दो धाराओं- एक में आजीवन कारावास जबकि दूसरे में ढाई लाख का जुर्माना लगाया है। कांटी पुलिस की ओर से पेश किए गए सबूतों और जांच के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस टीम ने तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने एक-एक कर सभी अपराधियों की पहचान की और उन्हें पकड़ा। कोर्ट ने त्वरित सुनवाई के तहत जिन 5 आरोपियों को दोषी ठहराया है, उनमें नीतीश कुमार उर्फ नितेश कुमार, ललित सहनी, भरत पंडित, कौशल दास और राशिद उर्फ डेविड शामिल है। जुर्माना नहीं देने पर काटनी होगी एक साल की अतिरिक्त सजा भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत, सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें 1 साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। भारतीय दंड संहिता की धारा 411 के तहत, सभी दोषियों को 10 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया गया है। इसमें भी जुर्माना न देने पर 1 साल की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा बोले- पुलिस ने पुख्ता सबूत पेश किए इस ऐतिहासिक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि करीब तीन वर्षों की कड़ी मेहनत और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा यह बेहतरीन फैसला सुनाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में भी मुजफ्फरपुर पुलिस सभी कांडों में नए कानून के अनुरूप साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत करेगी, ताकि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहे। लूट की रकम बंटवारे के दौरान पकड़े गए थे तीन आरोपी तीन साल पहले उम्रकैद की सजा पाने वाले तीन आरोपियों को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वे लूटी गई रकम का बंटवारा करने, किसी अन्य वारदात को अंजाम देने और मादक पदार्थ की खरीद बिक्री के लिए करजा थाना क्षेत्र के दामोदरपुर की तरफ बोलेरो से सोनबरसा लीची गाछी जा रहे थे। तत्कालीन एसएसपी राकेश कुमार ने बताया था कि जानकारी के बाद डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद के नेतृत्व में टीम गठित कर उक्त जगह पहुंची। जहां कुछ अपराधियों को संदिग्ध अवस्था मे बातचीत करते देखा। पुलिस को देखते ही कुछ अपराधी बोलेरो में बैठ कर भागने लगे। इसी दौरान बल के सहयोग से तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं बोलेरो से भागने वाले अपराधियों की पहचान हथौडी थाना क्षेत्र के राशिद उर्फ डेविड, औराई थाना क्षेत्र के संतोष सहनी उर्फ बैगन, कौशल दास, मीनापुर थाना क्षेत्र के सूरज सिंह और अहियापुर थाना क्षेत्र के सरोज कुमार के रूप में हुई है। एनकांउटर कर संतोष दास, रसीद डेविड और कौशल दास को पकड़ा था तीन आरोपियों के फरार होने के कुछ दिन बाद डीएसपी पूर्वी मनोज पांडेय को सूचना मिली थी कि कांटी में माइक्रो फाइनेंस लूटकांड के आरोपी सिवाईपट्टी में जुटे हैं। इसी दौरान पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी को रोका तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली थाने की गाड़ी पर लगी थी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इसी दौरान एनकाउंटर में 3 बदमाशों को गोली लगी। मौके से एक कार्बाइन, दो पिस्तौल और 9 लाख कैश बरामद किए गए। घायल अपराधियों की पहचान संतोष दास, रसीद डेविड और कौशल दास के रूप में की गई। मुजफ्फरपुर में साल 2023 में स्पंदना माइक्रो फाइनेंस से 27 लाख रुपए की डकैती केस में 5 दोषियों को आजीवन कारावास और ढाई-ढाई लाख रुपए की जुर्माना की सजा सुनाई गई है। घटना कांटी थाना क्षेत्र में हुई थी। एडीजे-3 सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने दो धाराओं- एक में आजीवन कारावास जबकि दूसरे में ढाई लाख का जुर्माना लगाया है। कांटी पुलिस की ओर से पेश किए गए सबूतों और जांच के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस टीम ने तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने एक-एक कर सभी अपराधियों की पहचान की और उन्हें पकड़ा। कोर्ट ने त्वरित सुनवाई के तहत जिन 5 आरोपियों को दोषी ठहराया है, उनमें नीतीश कुमार उर्फ नितेश कुमार, ललित सहनी, भरत पंडित, कौशल दास और राशिद उर्फ डेविड शामिल है। जुर्माना नहीं देने पर काटनी होगी एक साल की अतिरिक्त सजा भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत, सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें 1 साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। भारतीय दंड संहिता की धारा 411 के तहत, सभी दोषियों को 10 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना सुनाया गया है। इसमें भी जुर्माना न देने पर 1 साल की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा बोले- पुलिस ने पुख्ता सबूत पेश किए इस ऐतिहासिक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि करीब तीन वर्षों की कड़ी मेहनत और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा यह बेहतरीन फैसला सुनाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में भी मुजफ्फरपुर पुलिस सभी कांडों में नए कानून के अनुरूप साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत करेगी, ताकि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहे। लूट की रकम बंटवारे के दौरान पकड़े गए थे तीन आरोपी तीन साल पहले उम्रकैद की सजा पाने वाले तीन आरोपियों को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वे लूटी गई रकम का बंटवारा करने, किसी अन्य वारदात को अंजाम देने और मादक पदार्थ की खरीद बिक्री के लिए करजा थाना क्षेत्र के दामोदरपुर की तरफ बोलेरो से सोनबरसा लीची गाछी जा रहे थे। तत्कालीन एसएसपी राकेश कुमार ने बताया था कि जानकारी के बाद डीएसपी पश्चिमी अभिषेक आनंद के नेतृत्व में टीम गठित कर उक्त जगह पहुंची। जहां कुछ अपराधियों को संदिग्ध अवस्था मे बातचीत करते देखा। पुलिस को देखते ही कुछ अपराधी बोलेरो में बैठ कर भागने लगे। इसी दौरान बल के सहयोग से तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं बोलेरो से भागने वाले अपराधियों की पहचान हथौडी थाना क्षेत्र के राशिद उर्फ डेविड, औराई थाना क्षेत्र के संतोष सहनी उर्फ बैगन, कौशल दास, मीनापुर थाना क्षेत्र के सूरज सिंह और अहियापुर थाना क्षेत्र के सरोज कुमार के रूप में हुई है। एनकांउटर कर संतोष दास, रसीद डेविड और कौशल दास को पकड़ा था तीन आरोपियों के फरार होने के कुछ दिन बाद डीएसपी पूर्वी मनोज पांडेय को सूचना मिली थी कि कांटी में माइक्रो फाइनेंस लूटकांड के आरोपी सिवाईपट्टी में जुटे हैं। इसी दौरान पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी को रोका तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली थाने की गाड़ी पर लगी थी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इसी दौरान एनकाउंटर में 3 बदमाशों को गोली लगी। मौके से एक कार्बाइन, दो पिस्तौल और 9 लाख कैश बरामद किए गए। घायल अपराधियों की पहचान संतोष दास, रसीद डेविड और कौशल दास के रूप में की गई।  

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