मुंगेर में पर्युषण महापर्व पर श्रद्धालुओं ने किया धूप विसर्जन:दश लक्षण धर्म के गुणों पर मंथन,अहंकार-प्रतिष्ठा के मद से दूर रहने का संकल्प

मुंगेर में पर्युषण महापर्व पर श्रद्धालुओं ने किया धूप विसर्जन:दश लक्षण धर्म के गुणों पर मंथन,अहंकार-प्रतिष्ठा के मद से दूर रहने का संकल्प

मुंगेर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व और दश लक्षण धर्म महोत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ मनाया जा रहा है। महापर्व के दौरान श्रद्धालु प्रतिदिन भगवान की पूजा-अर्चना के साथ दश लक्षण धर्म के दस गुणों पर चिंतन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और भगवान के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। भगवान पार्श्वनाथ का किया जलाभिषेक सोमवार को मंदिर की मुख्य वेदी पर विराजमान भगवान पार्श्वनाथ का श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया। इससे पहले मंगलाष्टक का पाठ किया गया। इसके बाद भगवान की शांतिधारा की गई। पूजा-अर्चना के दौरान 24 तीर्थंकरों के अर्घ्य के साथ नंदीश्वर द्वीप, पंचमेरु, सोलह कारण और दश लक्षण धर्म की पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। दस गुणों पर आत्मचिंतन दश लक्षण धर्म में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस गुण बताए गए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि महापर्व का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। आत्मचिंतन के जरिए जीवन में शुद्धता, संयम और सद्गुणों को अपनाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। धूप दशमी का विधान पूरा किया उत्तम संयम धर्म दिवस पर श्रद्धालुओं ने अग्नि के समक्ष धूप विसर्जन यानी धूप दशमी का विधान पूरा किया। इस दौरान अहंकार, मान, धन-संपत्ति के घमंड और प्रतिष्ठा के मद को त्यागकर विनम्रता और संयम का मार्ग अपनाने का संकल्प लिया गया। मन की बुराइयों को दूर करने का संदेश धूप की सुगंध के बीच श्रद्धालुओं ने बाहरी पूजा के साथ आत्मशुद्धि की भावना भी व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने कहा कि पर्व का वास्तविक उद्देश्य अपने भीतर की बुराइयों को पहचानना और उन्हें दूर करने का प्रयास करना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल जलाभिषेक, शांतिधारा और पूजा-अर्चना में दीपक जैन, अभिषेक जैन, विवेक गोलू, विवेक जैन, विश्वेंद्रु जैन, भावेश जैन, अजय जैन और विनोद जैन समेत कई श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महापर्व के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु पूजा के साथ क्षमा, विनम्रता, सरलता, सत्य, संयम और त्याग जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प ले रहे हैं। मुंगेर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व और दश लक्षण धर्म महोत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ मनाया जा रहा है। महापर्व के दौरान श्रद्धालु प्रतिदिन भगवान की पूजा-अर्चना के साथ दश लक्षण धर्म के दस गुणों पर चिंतन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और भगवान के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। भगवान पार्श्वनाथ का किया जलाभिषेक सोमवार को मंदिर की मुख्य वेदी पर विराजमान भगवान पार्श्वनाथ का श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया। इससे पहले मंगलाष्टक का पाठ किया गया। इसके बाद भगवान की शांतिधारा की गई। पूजा-अर्चना के दौरान 24 तीर्थंकरों के अर्घ्य के साथ नंदीश्वर द्वीप, पंचमेरु, सोलह कारण और दश लक्षण धर्म की पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। दस गुणों पर आत्मचिंतन दश लक्षण धर्म में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे दस गुण बताए गए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि महापर्व का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। आत्मचिंतन के जरिए जीवन में शुद्धता, संयम और सद्गुणों को अपनाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। धूप दशमी का विधान पूरा किया उत्तम संयम धर्म दिवस पर श्रद्धालुओं ने अग्नि के समक्ष धूप विसर्जन यानी धूप दशमी का विधान पूरा किया। इस दौरान अहंकार, मान, धन-संपत्ति के घमंड और प्रतिष्ठा के मद को त्यागकर विनम्रता और संयम का मार्ग अपनाने का संकल्प लिया गया। मन की बुराइयों को दूर करने का संदेश धूप की सुगंध के बीच श्रद्धालुओं ने बाहरी पूजा के साथ आत्मशुद्धि की भावना भी व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने कहा कि पर्व का वास्तविक उद्देश्य अपने भीतर की बुराइयों को पहचानना और उन्हें दूर करने का प्रयास करना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल जलाभिषेक, शांतिधारा और पूजा-अर्चना में दीपक जैन, अभिषेक जैन, विवेक गोलू, विवेक जैन, विश्वेंद्रु जैन, भावेश जैन, अजय जैन और विनोद जैन समेत कई श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महापर्व के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु पूजा के साथ क्षमा, विनम्रता, सरलता, सत्य, संयम और त्याग जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प ले रहे हैं।  

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