जीभ काली होने के साथ बाल जैसी क्यों दिखने लगती है? जानें Mayo Clinic और Cleveland Clinic से कारण

जीभ काली होने के साथ बाल जैसी क्यों दिखने लगती है? जानें Mayo Clinic और Cleveland Clinic से कारण

Black Tongue: जीभ सिर्फ खाना खाने और स्वाद महसूस करने के काम नहीं आती, बल्कि इसके रंग और ऊपर की परत में होने वाले बदलाव से मुंह की सेहत के बारे में भी कुछ संकेत मिल सकते हैं। कई बार जीभ का रंग सफेद, पीला, भूरा या काला दिखाई देने लगता है। अगर जीभ काली होने के साथ उसकी सतह बालों जैसी नजर आए तो इसे ब्लैक हेयरी टंग कहा जाता है। आखिर ऐसा क्यों होता है और जीभ पर बाल जैसी परत क्यों दिखाई देने लगती है, आइए जानते हैं।

ब्लैक हेयरी टंग क्या है

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार ब्लैक हेयरी टंग में जीभ का रंग गहरा हो जाता है और उसकी ऊपरी सतह बालों या रोएं जैसी दिखने लगती है। हालांकि जीभ पर असल में बाल नहीं उगते हैं। जीभ पर मौजूद छोटे छोटे उभारों को पैपिली कहा जाता है। इन पर स्वाद महसूस करने वाली कोशिकाएं होती हैं। जब ये उभार सामान्य से ज्यादा लंबे हो जाते हैं तो इनमें खाने के कण, बैक्टीरिया, यीस्ट और दूसरी चीजें फंस सकती हैं। इससे जीभ का रंग बदलकर काला या दूसरे रंग का दिखाई देने लगता है। वहीं क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार इसका रंग हमेशा काला ही हो ऐसा जरूरी नहीं है। यह भूरा, हरा, सफेद या किसी दूसरे रंग का भी दिखाई दे सकता है।

जीभ पर बाल जैसी परत क्यों बनती है

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार जीभ की पैपिली आम तौर पर पुरानी परत के साथ झड़ती रहती है। इस प्रक्रिया को डेस्क्वामेशन कहा जाता है। लेकिन अगर पैपिली ठीक से नहीं झड़ती हैं तो ये बढ़ती रहती हैं। इन लंबे उभारों में खाना, बैक्टीरिया और मरी हुई कोशिकाएं फंस जाती हैं। यही जमा चीजें जीभ को बालों जैसी दिखने वाली परत देती हैं और उसका रंग भी बदल सकती हैं।

ब्लैक हेयरी टंग के लक्षण

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार जीभ का काला होना इसका सबसे आम संकेत है, लेकिन रंग भूरा, हरा, पीला या सफेद भी हो सकता है। जीभ की सतह बाल या रोएं जैसी नजर आ सकती है। कुछ लोगों को मुंह से बदबू, खाने का स्वाद बदलना या मुंह में धातु जैसा स्वाद महसूस हो सकता है। अगर पैपिली ज्यादा लंबी हो जाएं तो मुंह में गुदगुदी या उल्टी जैसा महसूस हो सकता है। कुछ मामलों में जीभ पर जलन भी हो सकती है। वहीं क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार ज्यादातर मामलों में इसमें दर्द नहीं होता है। कुछ लोगों को जलन, गुदगुदी या उल्टी जैसा महसूस हो सकता है और खाने के स्वाद में बदलाव भी हो सकता है।

ब्लैक हेयरी टंग होने की क्या वजह है

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार मुंह और जीभ की ठीक से सफाई न करना, मुंह का सूखना और लंबे समय तक सिर्फ नरम खाना खाना इसके कारणों में शामिल हैं। नरम खाना जीभ की सतह पर मौजूद मरी हुई परत को हटाने में उतना घर्षण नहीं देता, जितना कुछ ठोस खाना दे सकता है। इसके अलावा तंबाकू का इस्तेमाल, ज्यादा कॉफी या काली चाय पीना, ज्यादा शराब पीना, कुछ दवाएं और कुछ ऐसे माउथवॉश जिनमें पेरोक्साइड जैसे ऑक्सीडाइजिंग एजेंट होते हैं, भी इससे जुड़े हो सकते हैं। एंटीबायोटिक लेने के बाद मुंह में बैक्टीरिया या यीस्ट के सामान्य संतुलन में बदलाव भी एक कारण हो सकता है।

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार कुछ एंटीबायोटिक और एंटीडिप्रेसेंट दवाएं, मुंह का सूखना, ज्यादा कॉफी या चाय पीना, ज्यादा शराब लेना और तंबाकू का इस्तेमाल भी इस समस्या के कारण हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ ऐसी बीमारियां जिनमें शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत कम हो जाती है, उनमें भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार अगर जीभ और दांतों को दिन में दो बार साफ करने के बाद भी ब्लैक हेयरी टंग ठीक नहीं होती है तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *