Bihar Education: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के लोग अपने बच्चों की शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में हज़ारों करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अकेले स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए राज्य से लगभग 18,000 करोड़ रुपये बाहर जा रहे हैं।
Samrat Choudhary on Bihar Education: पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में वित्त रहित शिक्षकों द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा प्रणाली और फंड के बाहर जाने पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के नाम पर बिहार के आम लोगों और सरकार का लाखों-करोड़ रुपया राज्य से बाहर चला जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बना रही है ताकि बिहार का पैसा और प्रतिभा दोनों यहीं रहें। उन्होंने वित्त रहित शिक्षकों के लिए घोषित वेतनमान को हर हाल में लागू करने की बात भी कही।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए बाहर जाते हैं 18,000 करोड़ : सीएम सम्राट
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, “मैं देख रहा था कि शिक्षा के लिए बिहार से कितना पैसा बाहर जाता है। हम अकेले स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए 18,000 करोड़ बाहर भेजते हैं, जिसका भुगतान सरकार करती है। इसके अलावा, बिहार के आम लोगों के लाखों करोड़ रुपये अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बाहर खर्च होते हैं। हमें यहीं अपना इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करना है और बिहार की पूरी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना है।” उन्होंने कहा कि भले ही वह डॉक्टर नहीं हैं, लेकिन वह जानते हैं कि सिस्टम की कमियों का सही इलाज कैसे किया जाए और सरकारी मशीनरी को पूरी तरह से पटरी पर लाया जा रहा है।
700 मॉडल स्कूलों में हो रही JEE-NEET की तैयारी : सीएम सम्राट
पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले छात्रों को लेकर सीएम सम्राट ने कहा, “हमें रिपोर्ट मिली कि कोटा में सबसे ज्यादा पढ़ने वाले बच्चे भी बिहारी हैं और उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षक भी बिहार के ही हैं। हमने सभी को बिहार वापस लाने का फ़ैसला किया। इसके लिए हमने 700 मॉडल स्कूल शुरू किए गए हैं, जहां छात्रों को लाइव क्लास के जरिए JEE और NEET की मुफ्त तैयारी कराई जाती है। आज यह गर्व की बात है कि 3.5 लाख छात्र इन मॉडल स्कूलों में पढ़ रहे हैं और हमारे बच्चों को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”
घोषित वेतनमान जरूर लागू होगा: सीएम सम्राट
बिना सरकारी मदद वाले संस्थानों के शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं निश्चित रूप से वह वेतनमान लागू करूंगा जिसकी हमने घोषणा की थी, इसमें कोई शक नहीं है। इस बारे में चिंता न करें या कोई गलतफहमी न पालें।” उन्होंने साफ किया कि इसे लागू करने की प्रक्रिया में कई प्रशासनिक और वित्तीय अड़चनें हैं और उन्हें सुलझाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है। सीएम सम्राट ने बताया कि अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है और वह खुद शिक्षक संघों और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेंगे ताकि यह पक्का किया जा सके कि शिक्षकों के हितों की पूरी तरह से रक्षा हो।
विद्यार्थी साथी ऐप से रात 1 बजे भी मिल रहे शिक्षक: सीएम सम्राट
मुख्यमंत्री सम्राट ने बताया कि राज्य में एक मजबूत सिस्टम बनाया गया है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे घर बैठे अच्छी शिक्षा पा सकें। उन्होंने कहा कि जब मॉडल स्कूलों के छात्रों को रात के एक बजे भी अगर किसी विषय में मदद की जरूरत होती है, तो उन्हें ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के जरिए तुरंत मदद मिल जाती है और अभी इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करके 1,42,000 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

