वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम आज गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पहुंचे। काला गमछा पहने राजेश राम ने धरनार्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया। राजेश राम ने कहा कि वित्त रहित कॉलेजों के सरकारीकरण की दिशा में राज्य सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। साथ ही इन संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतनमान तथा पेंशन की सुविधा देने की मांग उन्होंने रखी। वित्त रहित शिक्षकों के साथ कांग्रेस खड़ी उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने राज्य सरकार से धरनार्थियों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। कांग्रेस की पांच मांगें 1. वित्त रहित शिक्षण संस्थान का राजकीय संस्थान घोषित 2. राजकीय विद्यालय शिक्षक को सातवां वेतनमान लागू करना 3. विश्वविद्यालय/राजकीय अंगीभूत शिक्षकों को चुनाव से वंचित विधेयक का विरोध 4. राजकीय विद्यालय शिक्षकों को भी चुनाव लड़ने की छूट शर्तों के साथ दें 5. गैर अनुदानित विद्यालय को अनुदान दें अन्यथा राजकीय विद्यालय घोषित करें पिछले 16 दिन से गर्दनीबाग में हड़ताल पर बैठे कांग्रेसी वित्त रहित शिक्षक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पिछले 16 दिन से गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी है। कांग्रेस सेवा दल द्वारा कफन पदयात्रा भी निकाली गई थी। कांग्रेस शिक्षा सत्याग्रह अभियान चला रही है। सेवा दल के चेयरमैन डॉ संजय यादव ने कहा कि सरकार संस्थानों की मान्यता, संबद्धता, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक की योग्यता, नियुक्ति की प्रक्रिया और सेवा अवधि की जांच कर सकती है। लेकिन जांच और प्रक्रिया के नाम पर समस्या को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। सरकार को नियमित वेतनमान के साथ पेंशन की व्यवस्था पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम आज गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पहुंचे। काला गमछा पहने राजेश राम ने धरनार्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया। राजेश राम ने कहा कि वित्त रहित कॉलेजों के सरकारीकरण की दिशा में राज्य सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। साथ ही इन संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतनमान तथा पेंशन की सुविधा देने की मांग उन्होंने रखी। वित्त रहित शिक्षकों के साथ कांग्रेस खड़ी उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने राज्य सरकार से धरनार्थियों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। कांग्रेस की पांच मांगें 1. वित्त रहित शिक्षण संस्थान का राजकीय संस्थान घोषित 2. राजकीय विद्यालय शिक्षक को सातवां वेतनमान लागू करना 3. विश्वविद्यालय/राजकीय अंगीभूत शिक्षकों को चुनाव से वंचित विधेयक का विरोध 4. राजकीय विद्यालय शिक्षकों को भी चुनाव लड़ने की छूट शर्तों के साथ दें 5. गैर अनुदानित विद्यालय को अनुदान दें अन्यथा राजकीय विद्यालय घोषित करें पिछले 16 दिन से गर्दनीबाग में हड़ताल पर बैठे कांग्रेसी वित्त रहित शिक्षक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पिछले 16 दिन से गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी है। कांग्रेस सेवा दल द्वारा कफन पदयात्रा भी निकाली गई थी। कांग्रेस शिक्षा सत्याग्रह अभियान चला रही है। सेवा दल के चेयरमैन डॉ संजय यादव ने कहा कि सरकार संस्थानों की मान्यता, संबद्धता, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक की योग्यता, नियुक्ति की प्रक्रिया और सेवा अवधि की जांच कर सकती है। लेकिन जांच और प्रक्रिया के नाम पर समस्या को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। सरकार को नियमित वेतनमान के साथ पेंशन की व्यवस्था पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।

