किशनगंज में मिड-डे मील का फंड रुका:शिक्षक संघ ने DM को सौंपा मेमोरैंडम, 1 अक्टूबर से MDM बंद करने की चेतावनी

किशनगंज में मिड-डे मील का फंड रुका:शिक्षक संघ ने DM को सौंपा मेमोरैंडम, 1 अक्टूबर से MDM बंद करने की चेतावनी

किशनगंज जिले के सरकारी स्कूलों में कई महीनों से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के लिए फंड नहीं मिला है। इस वजह से योजना चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने इस मामले को उठाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) को एक ज्ञापन सौंपा है। वेंडर उधार पर गैस सिलेंडर देने को तैयार नहीं संघ ने डीईओ और डीपीओ को भी ज्ञापन दिया है। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रागीबुर्रहमान के नेतृत्व में डीएम को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन ठीक से चल रहा है। लेकिन कई महीनों से मिड-डे मील चलाने के लिए जरूरी राशि नहीं मिली है। लंबे समय से बकाया होने के कारण कोई भी गैस वेंडर उधार पर गैस सिलेंडर देने को तैयार नहीं है। एनजीओ को काम सौंपने की मांग इसके अलावा, किराना और हरी सब्जी के वेंडर ने भी अब और उधार देने से मना कर दिया है। ऐसे में प्रधान शिक्षक अपनी जेब से पैसे लगाकर मिड-डे मील चला रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि व्यवस्था में बदलाव किया जाए। शिक्षकों को रसोई की जिम्मेदारी से मुक्त कर यह काम एनजीओ को सौंपा जाए। संघ के जिलाध्यक्ष रागीबुर्रहमान ने कहा कि रुकी हुई राशि तुरंत जारी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही फंड नहीं मिला, तो 1 अक्टूबर से जिले के स्कूल प्रधान मध्याह्न भोजन को पूरी तरह से बंद करने के लिए मजबूर होंगे। किशनगंज जिले के सरकारी स्कूलों में कई महीनों से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के लिए फंड नहीं मिला है। इस वजह से योजना चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने इस मामले को उठाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) को एक ज्ञापन सौंपा है। वेंडर उधार पर गैस सिलेंडर देने को तैयार नहीं संघ ने डीईओ और डीपीओ को भी ज्ञापन दिया है। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रागीबुर्रहमान के नेतृत्व में डीएम को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन ठीक से चल रहा है। लेकिन कई महीनों से मिड-डे मील चलाने के लिए जरूरी राशि नहीं मिली है। लंबे समय से बकाया होने के कारण कोई भी गैस वेंडर उधार पर गैस सिलेंडर देने को तैयार नहीं है। एनजीओ को काम सौंपने की मांग इसके अलावा, किराना और हरी सब्जी के वेंडर ने भी अब और उधार देने से मना कर दिया है। ऐसे में प्रधान शिक्षक अपनी जेब से पैसे लगाकर मिड-डे मील चला रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि व्यवस्था में बदलाव किया जाए। शिक्षकों को रसोई की जिम्मेदारी से मुक्त कर यह काम एनजीओ को सौंपा जाए। संघ के जिलाध्यक्ष रागीबुर्रहमान ने कहा कि रुकी हुई राशि तुरंत जारी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही फंड नहीं मिला, तो 1 अक्टूबर से जिले के स्कूल प्रधान मध्याह्न भोजन को पूरी तरह से बंद करने के लिए मजबूर होंगे।  

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