झांसी में गौरीशंकर हत्याकांड में फंसे शिवानी होटल के मालिक आनंद यादव को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। प्रभारी सत्र न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने कहा- आरोपी को जमानत पर रिहा किए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। इसलिए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है। आरोपी आनंद यादव पिछले 3 महीनों से जेल में बंद हैं। डीजीसी क्राइम मृदुल कांत श्रीवास्तव ने बताया- 5 जून की रात को होटल मालिक के कहने पर चिकारा, रघु उर्फ रघुवीर उर्फ सौरभ, शेरसिंह और रिंकू ने गौरीशंकर (45) और उसके चाचा मुरारी लाल (65) पर तलवार और फरसा से हमला कर दिया था। इलाज के दौरान गौरीशंकर की मौत हो गई थी। सीपरी बाजार पुलिस ने केस दर्ज करके होटल मालिक समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब पूरी घटना पढ़िए… ग्वालियर रोड पर पाल कॉलोनी में शिवानी तिराहा के पास गौरीशंकर कुशवाहा परिवार के साथ रहते थे। उनका एक बेटा प्रियांशु और दो बेटियां- ईशा और दर्पण हैं। घटना के समय पत्नी सुमन गर्भवती थी। बेटी ईशा ने बताया था- मेरे पिता गौरीशंकर इलेक्ट्रिशियन थे। 5 जून की रात को पूरा परिवार घर पर था। अचानक घर की लाइट चली गई। मेरे पिता गौरीशंकर अपने चाचा मुरारीलाल कुशवाहा के साथ सूती मिल स्थित पावर हाउस गए। रात करीब 12 बजे घर लौट रहे थे। घर के पास ही घात लगाए बैठे मोहल्ले के चिगारा, उसके दो भाई सौरव और रिंकू, और दो अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। सभी ने तलवार और फरसे से पीछे से अचानक हमला किया। पिता की गर्दन और सिर पर फरसे (चापड़) से वार किया गया, जबकि चाचा के सिर पर फरसे से हमला किया गया था। परिजन उनको मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां इलाज के दौरान गौरीशंकर की मौत हो गई थी। हत्या शिवानी होटल के मालिक आनंद यादव के कहने पर होने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने सीपरी बाजार के सर्व नगर निवासी होटल मालिक आनंद यादव समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

