फरीदाबाद ESIC में डॉक्टर को समय पर नही मिला इलाज:ब्लिंकिट से मंगाना पडा सर्वाइकल हार्ड कॉलर, निजी एंबुलेंस बुलानी पड़ी, डीन को लेटर लिखा

फरीदाबाद ESIC में डॉक्टर को समय पर नही मिला इलाज:ब्लिंकिट से मंगाना पडा सर्वाइकल हार्ड कॉलर, निजी एंबुलेंस बुलानी पड़ी, डीन को लेटर लिखा

फरीदाबाद ESIC मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद समय पर इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं मिलने का मामला सामने आया है। हालत बिगड़ने पर डॉक्टर को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। घटना को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों में नाराजगी है। डॉक्टरों ने डीन को पत्र लिखकर पूरे मामले में 24 घंटे के अंदर लिखित जवाब और एक्शन टेकन रिपोर्ट देने की मांग की है। उनका कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। 48 घंटे में करीब 35 घंटे की थी ड्यूटी डॉक्टरों के मुताबिक, मामला 19 सितंबर का है। महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने पिछले 48 घंटे में करीब 35 घंटे ड्यूटी की थी। ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें तेज कमजोरी महसूस हुई। कुछ ही समय में हाथ-पैरों में सुन्नपन और कमजोरी बढ़ गई। डॉक्टरों ने इसे क्वाड्रीपारेसिस की स्थिति बताया। ओटी से इमरजेंसी ले जाने में लगे 90 मिनट डॉक्टर रोहित के मुताबिक, हालत बिगड़ने के बाद महिला डॉक्टर को ओटी से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट करने के लिए करीब 90 मिनट तक नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध नहीं हो सका। डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल में मरीज को तत्काल उपलब्ध कराया जाने वाला सर्वाइकल हार्ड कॉलर भी नहीं मिला। आखिरकार इसे बाहर से ब्लिंकिट के जरिए मंगवाना पड़ा। ब्लड रिपोर्ट और एमआरआई में भी हुई देरी डॉक्टरों के अनुसार, इमरजेंसी अनुरोध के बावजूद ब्लड रिपोर्ट आने में करीब तीन घंटे लग गए। वहीं, केएफटी प्रोटोकॉल का हवाला देकर एमआरआई कराने में भी देरी हुई। इस दौरान महिला डॉक्टर की हालत को लेकर साथी डॉक्टरों में चिंता बढ़ती रही। अस्पताल की एंबुलेंस भी नहीं मिली रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल की तरफ से महिला डॉक्टर को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद निजी अस्पताल से एंबुलेंस बुलानी पड़ी। साथ ही, प्राथमिकता के आधार पर न्यूरोलॉजी या न्यूरोसर्जरी के कंसल्टेंट की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो सकी। निजी अस्पताल में कराया इलाज अंत में महिला रेजिडेंट डॉक्टर को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। इस घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल की मेडिकल सुविधाओं और इमरजेंसी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। डॉक्टरों ने डीन को पत्र लिखकर मामले की जांच, जिम्मेदारी तय करने और 24 घंटे के अंदर लिखित जवाब व एक्शन टेकन रिपोर्ट देने की मांग की है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से बड़े स्तर पर आंदोलन कर सकते हैं। डीन से नही हो सका संपर्क इस मामले को लेकर जब ESIC मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डीन डॉ. कालिदास चव्हाण दत्तात्रेय से संपर्क करने की कोशिश की गई । लेकिन कई बार कोशिश करने के बाद भी उनसे संपर्क नही हो पाया।

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