India Bangladesh Tension: भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन दोनों देश इस पर कम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। बांग्लादेश के तारिक रहमान नवंबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में भारत आ सकते हैं, हालांकि तारीख अभी तय नहीं है। इस बीच व्यापार के आंकड़े ने चिंता जताई है। भारत ने बांग्लादेश से आने वाले कुछ सामान सीमा और बंदरगाहों से जुड़े पाबंदियां रखी हैं, जिससे जमीन के रास्ते होने वाले तीर्थ में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट आई है।
इसका असर बांग्लादेश पर सबसे ज्यादा पड़ा है, क्योंकि भारत का प्रतियोगी उसकी अहमियत से काफी ज्यादा है। रहमान की ओर से भारत यात्रा में व्यापार के साथ-साथ एक मित्र के रूप में भी आगे की राह तलाशने की कोशिश हो सकती है।
2025 से बढ़ा तनाव, कई मुद्दों पर मतभेद
भारत-बांग्लादेश के बीच 2025 से तनाव बढ़ा है। सत्ता परिवर्तन और बांग्लादेश में लोकतंत्र पर अत्याचार के मुद्दे के बाद लोकतंत्र में भी खटास आई। बांग्लादेश ने 101 समर्थकों की समीक्षा की बात कही है, हालांकि भारत ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, शेख हसीना का भारत में रहना और दिसंबर 2026 में गंगा जल संधि की अवधि खत्म होना भी अहम मुद्दा है। इन पर दोनों देशों के रुख में अंतर है।
भारत का व्यापारिक आंकड़ा
| वर्ष | कुल व्यापार | भारत का निर्यात | भारत का आयात |
|---|---|---|---|
| 2020-21 | 10.78 अरब डॉलर | 1.09 अरब डॉलर | 9.69 अरब डॉलर |
| 2021-22 | 17.13 अरब डॉलर | 1.98 अरब डॉलर | 16.16 अरब डॉलर |
| 2022-23 | 14.24 अरब डॉलर | 2.02 अरब डॉलर | 12.22 अरब डॉलर |
| 2023-24 | 12.91 अरब डॉलर | 1.84 अरब डॉलर | 11.06 अरब डॉलर |
| 2024-25 | 13.71 अरब डॉलर | 2.33 अरब डॉलर | 11.38 अरब डॉलर |
भारत का कारोबार भी प्रभावित, लेकिन असर अलग
अनौपचारिक का असर प्रासंगिक-निर्यातक तक सीमित नहीं रहता। ट्रक, माल, सीमा शुल्क एजेंट, माउंटेन, माउंटेन और स्थानीय व्यवसाय से जुड़े लोग भी प्रभावित हैं। जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन में 305 भारतीय मालवाहक ट्रक बांग्लादेश में जीत गए, जबकि सिर्फ 44 बांग्लादेशी मालवाहक ट्रक भारत आए।
भारत ने जिन वस्तुओं के भूमि मार्ग पर प्रतिबंध लगाया है, उनमें बांग्लादेश के तैयार कपड़े, जूट, प्लास्टिक, फर्नीचर और कुछ खाद्य उत्पाद शामिल हैं। जुलाई 2026 की बेनापोल सीमा बंदरगाह की रिपोर्ट, 2025-26 के अनुसार वहां से भारत जाने वाला बांग्लादेशी माल 3.81 लाख टन से अधिक 1.92 लाख टन रह गया।

