अररिया में शनिवार को जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला शिक्षा कार्यालय के कामों की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कई जरूरी मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें शिक्षकों के रुके हुए वेतन के मामले, मॉडल स्कूलों को चलाने और मिड-डे मील योजना की मौजूदा स्थिति मुख्य रूप से शामिल थी। जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए कि शिक्षकों के वेतन से जुड़े सभी रुके हुए मामलों को नियमों के हिसाब से जल्द से जल्द निपटाया जाए। मॉडल स्कूलों को चलाने के लिए पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की भी समीक्षा की गई। नियमित निगरानी पर भी दिया जोर जिलाधिकारी ने अधिकारियों से पालन की जानकारी ली और कहा कि मॉडल स्कूलों को अच्छी शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। मिड-डे मील योजना की समीक्षा के दौरान, स्कूलों में चल रहे और बंद मिड-डे मील की मौजूदा स्थिति और गड़बड़ी के मामलों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई। जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिया कि सभी योग्य स्कूलों में मिड-डे मील को नियमित और अच्छी क्वालिटी के साथ चलाया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाए। उन्होंने नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। ”स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नहीं होना चाहिए कोई समझौता” बैठक में स्कूलों में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित जांच करें और मिली कमियों को तुरंत दूर करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में साफ, सुरक्षित और अच्छी पढ़ाई का माहौल बनाए रखना संबंधित अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है। बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित माहौल में पढ़ने का अधिकार है, इसलिए स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी अररिया, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्वशिक्षा अभियान, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्याह्न भोजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि शिक्षा विभाग की योजनाओं को अच्छे से लागू किया जाए ताकि जिले के छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके। अररिया में शनिवार को जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला शिक्षा कार्यालय के कामों की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कई जरूरी मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें शिक्षकों के रुके हुए वेतन के मामले, मॉडल स्कूलों को चलाने और मिड-डे मील योजना की मौजूदा स्थिति मुख्य रूप से शामिल थी। जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए कि शिक्षकों के वेतन से जुड़े सभी रुके हुए मामलों को नियमों के हिसाब से जल्द से जल्द निपटाया जाए। मॉडल स्कूलों को चलाने के लिए पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की भी समीक्षा की गई। नियमित निगरानी पर भी दिया जोर जिलाधिकारी ने अधिकारियों से पालन की जानकारी ली और कहा कि मॉडल स्कूलों को अच्छी शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। मिड-डे मील योजना की समीक्षा के दौरान, स्कूलों में चल रहे और बंद मिड-डे मील की मौजूदा स्थिति और गड़बड़ी के मामलों में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई। जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिया कि सभी योग्य स्कूलों में मिड-डे मील को नियमित और अच्छी क्वालिटी के साथ चलाया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाए। उन्होंने नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। ”स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नहीं होना चाहिए कोई समझौता” बैठक में स्कूलों में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित जांच करें और मिली कमियों को तुरंत दूर करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में साफ, सुरक्षित और अच्छी पढ़ाई का माहौल बनाए रखना संबंधित अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है। बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित माहौल में पढ़ने का अधिकार है, इसलिए स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी अररिया, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्वशिक्षा अभियान, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्याह्न भोजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि शिक्षा विभाग की योजनाओं को अच्छे से लागू किया जाए ताकि जिले के छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

