Dilip Ghosh: उत्तर बंगाल में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार जीटीए और पंचायतों का विशेष ऑडिट कराने जा रही है। इसके साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के लिए पंचायत विभाग में 11 हजार खाली पदों पर भर्ती भी की जाएगी।
GTA Audit: उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों, तराई और डुआर्स में विकास कार्यों में गति लाने और गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को घोषणा की कि गोरखाभूमि क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) और उत्तर बंगाल की पंचायतों में जारी संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए एक विशेष ऑडिट कराया जाएगा। सिलीगुड़ी स्थित उत्तर बंगाल राज्य सचिवालय ‘उत्तरकन्या’ में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से यह बात कही।
जीरो टॉलरेंस की नीति
बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा की गई और प्रशासनिक कमियों को दूर करने पर चर्चा हुई। पूर्व में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य अध्यक्ष रह चुके दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि नई सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में कतई ढील नहीं देगी। उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों और जीटीए क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, उनमें से कम से कम 10 प्रतिशत निकायों की विशेष जांच कराई जाएगी। सार्वजनिक सेवाओं में किसी भी तरह की धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
11 हजार पदों पर होगी नई भर्ती
प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने और बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए मंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि जीटीए के नए प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर काम किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में खाली पड़े लगभग 11,000 पदों पर जल्द से जल्द बहाली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि आम जनता को मिलने वाली सेवाएं बिना रुकावट चलती रहें।
उपचुनाव में जीत का दावा
राज्य के राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने बेहतर शासन और विकास के लिए बदलाव चुना है और वे सरकार के काम से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनावों में जनता का यह विश्वास साफ दिखाई देगा और भाजपा प्रत्याशी भारी बहुमत से जीत दर्ज करेंगे।

