शराब तस्करी में पकड़ा गया सहायक शिक्षक निलंबित:रायपुर में 160 पाव शराब के साथ 7 आरोपी गिरफ्तार, शिक्षक के साथ शराब दुकान के कर्मचारी भी शामिल

शराब तस्करी में पकड़ा गया सहायक शिक्षक निलंबित:रायपुर में 160 पाव शराब के साथ 7 आरोपी गिरफ्तार, शिक्षक के साथ शराब दुकान के कर्मचारी भी शामिल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शराब तस्करी के मामले में पकड़े गए सहायक शिक्षक को जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया है। शिक्षक तिरीत राम बांधे शासकीय प्राथमिक शाला अमोदी में पदस्थ हैं और वर्तमान में संकुल समन्वयक प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पुलिस ने उन्हें शराब की अवैध बिक्री के लिए ले जाते हुए 6 अन्य आरोपियों के साथ पकड़ा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। कार में भरकर ले जा रहे थे 160 पाव शराब मामला 14 सितंबर का है। ग्रामीण एसपी के निर्देश पर आरंग थाना पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की आर्टिका कार (CG 04 QB 5200) में ग्राम गुल्लू की शराब दुकान से बड़ी मात्रा में शराब भरकर रानीसागर की ओर ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रानीसागर के हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध कार वहां पहुंची, जिसे पुलिस ने रोककर तलाशी ली। कार में चालक समेत 6 लोग सवार थे। तलाशी में कार से 160 पाव देशी मसाला शराब मिली। पुलिस के मुताबिक शराब की कीमत करीब 16 हजार रुपए है। पूछताछ में आरोपियों ने शराब को अवैध बिक्री के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। शराब दुकान के सुपरवाइजर और सेल्समैन भी पकड़े गए पुलिस ने शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल की जा रही आर्टिका कार भी जब्त की है। इसकी कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। शराब और वाहन समेत जब्त सामान की कुल कीमत करीब 8.16 लाख रुपए है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ये 7 आरोपी पकड़े गए शिक्षक के निलंबन की वजह पुलिस की कार्रवाई में सहायक शिक्षक तिरीत राम बांधे का नाम सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। विभाग के मुताबिक शिक्षक का शराब तस्करी के मामले में पकड़ा जाना शासकीय कर्मचारी के आचरण से जुड़ा गंभीर मामला है। इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी और विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।

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