फतेहपुर में एकीकृत भुगतान व्यवस्था (यूपीआई) से होने वाले बड़े कारोबारी भुगतान पर प्रस्तावित व्यापारी छूट दर यानी भुगतान शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर उत्तम उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों की ओर से मुख्यमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र भेजकर राहत और स्पष्ट व्यवस्था की मांग की गई। व्यापार मंडल का कहना है कि 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपए से अधिक के चुनिंदा एकीकृत भुगतान व्यवस्था वाले व्यापारी भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लागू होने का प्रावधान है। साथ ही इस शुल्क पर 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर लगने की जानकारी भी सामने आई है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान आज छोटे-बड़े कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इस शुल्क से व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का दबाव पड़ सकता है। पत्र में सरकार से इस व्यवस्था की समीक्षा करने और छोटे व्यापारियों को राहत देने सहित कई मांगें रखी गई हैं। व्यापार मंडल ने नकदी प्रबंधन, नकदी परिवहन, एटीएम और डिजिटल भुगतान से जुड़ी लागत का भी उल्लेख किया है। संगठन की मांग है कि व्यापारियों की समस्याओं पर सरकार और संबंधित विभाग गंभीरता से विचार करें तथा ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न पड़े। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नई शुल्क व्यवस्था में 2,000 रुपए तक के भुगतान पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। ग्राहकों से सीधे यह शुल्क वसूलने की अनुमति भी नहीं है।

