बेगूसराय के सदर प्रखंड की 25 पंचायतों में पशुपालन विभाग एफएमडी (मुंहपका-खुरपका) बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चला रहा है। यह अभियान एनएडीसीपी कार्यक्रम के तहत गाय और भैंस जैसे पशुओं के लिए है। इसका लक्ष्य 25 पंचायतों में सभी तय पशुओं का टीकाकरण करना है। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से टीकाकरण का काम अगस्त में शुरू हो पाया था। इसके बाद से अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। चांदपुरा के प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक डॉ. राम शंकर कुमार ने बताया कि अब तक 50 प्रतिशत से ज्यादा पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। कुछ पंचायतों में अभी टीकाकरण बाकी है। इसे तय समय सीमा में पूरा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि टीकाकरण के काम में जनप्रतिनिधियों का भी साथ लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी योग्य पशुओं को टीका लग जाए। इस अभियान के लिए 20 निजी टीकाकरण कर्मचारियों को लगाया गया है। चार महीने से कम उम्र के पशुओं को टीका नहीं लगाया जाएगा। वहीं, तीन महीने से ज्यादा और 12 महीने से कम उम्र के पशुओं का रिकॉर्ड उनकी उम्र और लिंग के हिसाब से अलग-अलग बनाया जाएगा। टीकाकरण के लिए पशुपालक के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और पशु का टैग होना जरूरी है। शनिवार को मोहनपुर और चांदपुरा वनद्वारा में दर्जनों पशुओं को टीका लगाया गया। इस दौरान पशुपालकों को एफएमडी बीमारी से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने के लिए जागरूक भी किया गया। पशुपालन विभाग की टीम बाकी बचे इलाकों में भी तेजी से टीकाकरण का काम पूरा करने में लगी है। बेगूसराय के सदर प्रखंड की 25 पंचायतों में पशुपालन विभाग एफएमडी (मुंहपका-खुरपका) बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चला रहा है। यह अभियान एनएडीसीपी कार्यक्रम के तहत गाय और भैंस जैसे पशुओं के लिए है। इसका लक्ष्य 25 पंचायतों में सभी तय पशुओं का टीकाकरण करना है। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से टीकाकरण का काम अगस्त में शुरू हो पाया था। इसके बाद से अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। चांदपुरा के प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक डॉ. राम शंकर कुमार ने बताया कि अब तक 50 प्रतिशत से ज्यादा पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। कुछ पंचायतों में अभी टीकाकरण बाकी है। इसे तय समय सीमा में पूरा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि टीकाकरण के काम में जनप्रतिनिधियों का भी साथ लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी योग्य पशुओं को टीका लग जाए। इस अभियान के लिए 20 निजी टीकाकरण कर्मचारियों को लगाया गया है। चार महीने से कम उम्र के पशुओं को टीका नहीं लगाया जाएगा। वहीं, तीन महीने से ज्यादा और 12 महीने से कम उम्र के पशुओं का रिकॉर्ड उनकी उम्र और लिंग के हिसाब से अलग-अलग बनाया जाएगा। टीकाकरण के लिए पशुपालक के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और पशु का टैग होना जरूरी है। शनिवार को मोहनपुर और चांदपुरा वनद्वारा में दर्जनों पशुओं को टीका लगाया गया। इस दौरान पशुपालकों को एफएमडी बीमारी से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने के लिए जागरूक भी किया गया। पशुपालन विभाग की टीम बाकी बचे इलाकों में भी तेजी से टीकाकरण का काम पूरा करने में लगी है।

