नवादा में आत्महत्या रोकथाम दिवस पर इनर व्हील क्लब नवादा की महिलाओं ने जागरूकता रैली निकाली। इस रैली के जरिए लोगों को आत्महत्या जैसी गंभीर समस्या के प्रति जागरूक किया गया। क्लब ने संदेश दिया कि जीवन बहुत अनमोल है। किसी भी मुश्किल हालात में हार मानने के बजाय संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। सदस्यों ने कहा कि आत्महत्या एक अस्वाभाविक मृत्यु है, जिसे रोकने के लिए समाज के हर व्यक्ति को संवेदनशील होना जरूरी है। रैली के दौरान महिलाओं ने लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लगातार दुखी, परेशान या मानसिक तनाव में दिखे तो उसे अकेला न छोड़ें। ”अकेला छोड़ना समस्या को और बढ़ा सकता है” उसकी बातों को प्यार, धैर्य और समझदारी से सुनें। उसकी भावनाओं का मजाक न उड़ाएं या उन्हें अनदेखा न करें, बल्कि उसे भावनात्मक सहारा दें। जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर या काउंसलर से संपर्क करने की सलाह भी दी गई। क्लब सदस्यों ने बताया कि जीवन में मुश्किल हालात आना सामान्य है। लेकिन, परेशानियों से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला छोड़ना समस्या को और बढ़ा सकता है। ऐसे समय में परिवार, दोस्त और समाज का साथ व्यक्ति को मुश्किल दौर से निकलने में मदद कर सकता है। उन्होंने लोगों को सकारात्मक सोच रखने और जीवन के प्रति उम्मीद बनाए रखने का संदेश भी दिया। सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना भी उद्देश्य रैली के जरिए यह भी संदेश दिया गया कि जिंदगी जीने और संघर्ष करने के लिए है, हार मानने के लिए नहीं। आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने का मकसद लोगों को जागरूक करना है। इसका उद्देश्य आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना भी है। रैली में क्लब की प्रेसिडेंट रेखा रानी, सेक्रेटरी पुष्पा कुमारी, एडिटर जय लक्ष्मी सिन्हा, सावित्री बरनवाल, रजनी कुमारी, अपराजिता सेन गुप्ता, संजय कुमार, चंचल बाला, लतिका कुमारी, सीमा कुमारी, सबिता कुमारी, कंचन बाला, वीणा रानी और रश्मि प्रियंका शामिल थीं। इनके अलावा अन्य सदस्य भी मौजूद रहीं। नवादा में आत्महत्या रोकथाम दिवस पर इनर व्हील क्लब नवादा की महिलाओं ने जागरूकता रैली निकाली। इस रैली के जरिए लोगों को आत्महत्या जैसी गंभीर समस्या के प्रति जागरूक किया गया। क्लब ने संदेश दिया कि जीवन बहुत अनमोल है। किसी भी मुश्किल हालात में हार मानने के बजाय संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। सदस्यों ने कहा कि आत्महत्या एक अस्वाभाविक मृत्यु है, जिसे रोकने के लिए समाज के हर व्यक्ति को संवेदनशील होना जरूरी है। रैली के दौरान महिलाओं ने लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लगातार दुखी, परेशान या मानसिक तनाव में दिखे तो उसे अकेला न छोड़ें। ”अकेला छोड़ना समस्या को और बढ़ा सकता है” उसकी बातों को प्यार, धैर्य और समझदारी से सुनें। उसकी भावनाओं का मजाक न उड़ाएं या उन्हें अनदेखा न करें, बल्कि उसे भावनात्मक सहारा दें। जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर या काउंसलर से संपर्क करने की सलाह भी दी गई। क्लब सदस्यों ने बताया कि जीवन में मुश्किल हालात आना सामान्य है। लेकिन, परेशानियों से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला छोड़ना समस्या को और बढ़ा सकता है। ऐसे समय में परिवार, दोस्त और समाज का साथ व्यक्ति को मुश्किल दौर से निकलने में मदद कर सकता है। उन्होंने लोगों को सकारात्मक सोच रखने और जीवन के प्रति उम्मीद बनाए रखने का संदेश भी दिया। सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना भी उद्देश्य रैली के जरिए यह भी संदेश दिया गया कि जिंदगी जीने और संघर्ष करने के लिए है, हार मानने के लिए नहीं। आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने का मकसद लोगों को जागरूक करना है। इसका उद्देश्य आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना भी है। रैली में क्लब की प्रेसिडेंट रेखा रानी, सेक्रेटरी पुष्पा कुमारी, एडिटर जय लक्ष्मी सिन्हा, सावित्री बरनवाल, रजनी कुमारी, अपराजिता सेन गुप्ता, संजय कुमार, चंचल बाला, लतिका कुमारी, सीमा कुमारी, सबिता कुमारी, कंचन बाला, वीणा रानी और रश्मि प्रियंका शामिल थीं। इनके अलावा अन्य सदस्य भी मौजूद रहीं।

