बागपत के निवाड़ा बांगर गांव में प्लाट खरीदने वाले कई लोगों ने एक व्यक्ति पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इन लोगों का कहना है कि आरोपी ने उनके प्लाट पर कब्जा कर लिया और रकम के बदले जो चेक दिए, उनका भुगतान नहीं हो सका। पीड़ितों ने जिलाधिकारी (डीएम) से शिकायत कर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। वे अपने प्लाट या रकम वापस चाहते हैं। शिकायत में बताया गया है कि संतोष, मोहित कुमार और मोनू कुमार समेत कई लोगों ने 9 सितंबर 2025 को निवाड़ा बांगर के खसरा नंबर 196 में आवासीय प्लाट खरीदे थे। बैनामे के समय उन्हें प्लाट का कब्जा भी मिल गया था। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने अपने प्लाटों की नींव भरवा दी थी। जब वे निर्माण शुरू कराने पहुंचे, तो आरोपी पक्ष ने मजदूरों को भगा दिया और काम नहीं करने दिया। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि बाद में उन्हें प्लाट की कीमत लौटाने का भरोसा देकर अलग-अलग रकम के चेक दिए गए। संतोष को 7 लाख 25 हजार रुपये का एक चेक मिला। जब उन्होंने इसे बैंक में लगाया, तो 6 अगस्त 2026 को खाते में पर्याप्त पैसे न होने के कारण वह बाउंस हो गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अन्य पीड़ितों को भी ऐसे ही चेक दिए गए, जिनका भुगतान नहीं हो सका। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके और आसपास के कई प्लाटों की चारदीवारी तोड़ दी गई है। इसके बाद उस जमीन को जोतकर वहां दोबारा प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी पक्ष ने इसी तरह कई और लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की है और उनके प्लाटों पर कब्जा करने की कोशिश की है। पीड़ितों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें उनकी संपत्ति या रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

