कानपुर देहात के रनिया में दांत का इलाज कराने गए युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। मुबारकपुर लाटा निवासी प्रभात 6 अगस्त को दांत निकलवाने डेंटल क्लीनिक पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर था, लेकिन प्रभात का दांत डॉक्टर की जगह उसके पिता ने निकाला। इसके बाद उसके मुंह से लगातार खून बहता रहा और करीब 22 दिन तक हालत बिगड़ती रही। शुक्रवार को कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, प्रभात को दांत में तेज दर्द था। इसी वजह से वह 6 अगस्त को रनिया स्थित डेंटल क्लीनिक पहुंचा था। आरोप है कि वहां डॉक्टर की मौजूदगी में इलाज करने के बजाय उनके पिता ने प्रभात का दांत निकाल दिया। इसके बाद उसके मुंह से खून बहना शुरू हुआ, जो लगातार जारी रहा। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे अलग-अलग अस्पतालों में लेकर गया। हैलट और केजीएमयू में भी चला इलाज, नहीं बच सकी जान प्रभात की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे कानपुर के हैलट और बाद में लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल भी लेकर पहुंचे। करीब 22 दिन तक उसका इलाज चलता रहा। मौत से कुछ दिन पहले प्रभात ने परिजनों को अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान हैलट अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शव लेकर क्लीनिक पहुंचे परिजन, रात 11 बजे तक चला हंगामा प्रभात की मौत के बाद परिजन उसका शव लेकर उसी डेंटल क्लीनिक पहुंच गए। शाम करीब 7 बजे वहां हंगामा शुरू हो गया, जो रात करीब 11 बजे तक चलता रहा। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका दावा है कि बाद में 5 लाख रुपये के मुआवजे पर मामला शांत कराया गया। हालांकि, कथित समझौते और रकम की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सीएमओ बोले- डॉक्टर की जगह पिता ने दांत निकाला तो गलत मामले के बाद क्लीनिकों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएमओ डॉ. जय गोविंद ने कहा कि अगर डॉक्टर की जगह उनके पिता ने दांत निकाला है तो यह गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं, झोलाछाप अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. सखलाल वर्मा ने बताया कि रनिया में दो डेंटल क्लीनिक रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। जांच के बाद ही इलाज और मौत से जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

