बहादुरगढ़ में HSIIDC की 3017 फैक्टरियों की होगी जांच:100 में ही खुल गई नियमों की पोल,जोनिंग वाइलेशन, अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण और भूखंड के दुरुपयोग की होगी पड़ताल

बहादुरगढ़ में HSIIDC की 3017 फैक्टरियों की होगी जांच:100 में ही खुल गई नियमों की पोल,जोनिंग वाइलेशन, अतिक्रमण, अनधिकृत निर्माण और भूखंड के दुरुपयोग की होगी पड़ताल

बहादुरगढ़ में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित हो रही इकाइयों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बहादुरगढ़ में एचएसआईआईडीसी के अधीन आने वाली 3017 फैक्टरियों की प्लॉटवार जांच शुरू कर दी गई है। अब तक करीब 100 फैक्टरियों का निरीक्षण किया जा चुका है। प्रारंभिक जांच में करीब-करीब अधिकांश इकाइयों में जोनिंग से जुड़े उल्लंघन सामने आने की बात सामने आई है। जांच के दौरान फैक्टरी के स्वीकृत उपयोग और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा रहा है। जोनिंग वाइलेशन, भूखंड का दुरुपयोग, अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण समेत अन्य नियमों की पड़ताल होगी। खामी मिलने पर संबंधित फैक्टरी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद संबंधित पक्ष का जवाब, सुनवाई और मौके पर दोबारा सत्यापन के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्ड के साथ मौके की स्थिति भी जांचेंगे एचएसआईआईडीसी मुख्यालय के निर्देशों के बाद संयुक्त निरीक्षण दल ने औद्योगिक क्षेत्र में सर्वे शुरू किया है। टीम प्रत्येक औद्योगिक भूखंड का रिकॉर्ड खंगालने के साथ मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। आवंटन के समय निर्धारित उपयोग और वर्तमान में भूखंड के इस्तेमाल में अंतर मिलने पर उसे भी जांच के दायरे में लिया जाएगा। छह सप्ताह में पूरा होगा सर्वे अधिकारियों ने व्यापक जांच अभियान को करीब छह सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्लॉटवार निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली कमियों के आधार पर संबंधित इकाइयों पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एसोसिएशनों से भी मांगा सहयोग जांच अभियान को लेकर बहादुरगढ़ की औद्योगिक एसोसिएशनों को भी पत्र भेजा गया है। इसमें निरीक्षण के दौरान सहयोग करने और संबंधित औद्योगिक इकाइयों तक सूचना पहुंचाने में मदद करने का आग्रह किया गया है। निगम का फोकस औद्योगिक भूखंडों के स्वीकृत उपयोग और नियमों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने पर है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *