दरभंगा के मनीगाछी थाना क्षेत्र के बघान्त गांव में शराब विरोधी अभियान के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद विवाद गहरा गया है। भीम आर्मी के सदस्य अजय कुमार पासवान (39) गंभीर रूप से घायल अवस्था में डीएमसीएच (DMCH) के सर्जिकल केयर यूनिट में भर्ती हैं। मामले में कस्टडी में मारपीट और पुलिस टीम पर हमले की दो परस्पर विरोधी कहानियां सामने आई हैं। अजय का कहना है कि बुधवार रात पुलिस तीन लोगों को शराब पीने के आरोप में ले जा रही थी। महिला पुलिसकर्मी की गैर-मौजूदगी में महिलाओं पर कार्रवाई करने को लेकर उसने पुलिस से सवाल किया था, जिसके बाद उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। अजय की भाभी बोली- देर रात 5 से 6 गाड़ियों से पहुंची पुलिस अजय की भाभी ललिता देवी के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब 1 बजे पुलिस 5-6 गाड़ियों से पहुंची। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़ा, परिजनों से धक्का-मुक्की की और वीडियो बना रहे सदस्यों का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष पप्पू पासवान, आरजेडी नेता बलदेव राम और परिजनों का दावा है कि हिरासत में लेने के बाद वज्र वाहन में अजय की बंदूक की बट, जूतों और लाठियों से बेरहमी से पिटाई की गई। इससे उसके सिर, मुंह, पीठ और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं। संगठन ने मनीगाछी थानाध्यक्ष को हटाने और निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बुधवार की घटना के बाद केस दर्ज, गुरुवार रात गिरफ्तारी के बाद पथराव मनीगाछी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह के मुताबिक, बुधवार रात शराबियों के हंगामे की सूचना पर गई पुलिस टीम पर भीड़ ने पथराव कर हिरासत में लिए गए 3 आरोपियों को छुड़ा लिया था। इस मामले में अजय पासवान समेत 6 नामजद और अज्ञात पर प्राथमिकी (कांड संख्या 267/26) दर्ज की गई थी। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर गुरुवार देर रात पुलिस अजय को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस का दावा है कि वापसी के दौरान बाइक सवार उपद्रवियों ने पुलिस वाहन पर पथराव किया, जिससे एएसआई राजेश सिंह घायल हो गए और गाड़ी का अगला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस का कहना है कि पथराव के बीच अजय ने वज्र वाहन का पिछला शीशा पैर से तोड़ा और भागने के लिए चलती गाड़ी से बाहर कूद गया। सड़क पर गिरने और घिसटने के कारण उसकी पीठ में गंभीर चोटें आई हैं। डीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट ने अस्पताल में घायल से की मुलाकात डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र और बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने अस्पताल पहुंचकर घायल अजय पासवान से मुलाकात की और डॉक्टरों को समुचित इलाज के निर्देश दिए। बेनीपुर एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचा है और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है। पूरे मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। दरभंगा में पुलिस पर हमलों का सिलसिला दरभंगा में शराबबंदी कानून लागू कराने गई पुलिस टीमों पर लगातार हमले हो रहे हैं: 10 सितंबर (रैयाम): बनसारा में पुलिस वाहन को ट्रैक्टर-जेसीबी से घेरकर शराब कारोबारी को छुड़ाया गया। 28 अगस्त (सिंहवाड़ा): शराबियों ने डायल-112 की टीम पर हमला किया, जिसमें 4 पुलिसकर्मी घायल हुए। 17 अगस्त (बहादुरपुर): खराजपुर में टेक्निकल सेल की टीम के साथ मारपीट हुई। 19 अप्रैल (बहेड़ा): दलित टोला में मद्यनिषेध विभाग की टीम पर हमला कर 3 पुलिसकर्मियों को जख्मी किया गया था। दरभंगा के मनीगाछी थाना क्षेत्र के बघान्त गांव में शराब विरोधी अभियान के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद विवाद गहरा गया है। भीम आर्मी के सदस्य अजय कुमार पासवान (39) गंभीर रूप से घायल अवस्था में डीएमसीएच (DMCH) के सर्जिकल केयर यूनिट में भर्ती हैं। मामले में कस्टडी में मारपीट और पुलिस टीम पर हमले की दो परस्पर विरोधी कहानियां सामने आई हैं। अजय का कहना है कि बुधवार रात पुलिस तीन लोगों को शराब पीने के आरोप में ले जा रही थी। महिला पुलिसकर्मी की गैर-मौजूदगी में महिलाओं पर कार्रवाई करने को लेकर उसने पुलिस से सवाल किया था, जिसके बाद उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। अजय की भाभी बोली- देर रात 5 से 6 गाड़ियों से पहुंची पुलिस अजय की भाभी ललिता देवी के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब 1 बजे पुलिस 5-6 गाड़ियों से पहुंची। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़ा, परिजनों से धक्का-मुक्की की और वीडियो बना रहे सदस्यों का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष पप्पू पासवान, आरजेडी नेता बलदेव राम और परिजनों का दावा है कि हिरासत में लेने के बाद वज्र वाहन में अजय की बंदूक की बट, जूतों और लाठियों से बेरहमी से पिटाई की गई। इससे उसके सिर, मुंह, पीठ और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं। संगठन ने मनीगाछी थानाध्यक्ष को हटाने और निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बुधवार की घटना के बाद केस दर्ज, गुरुवार रात गिरफ्तारी के बाद पथराव मनीगाछी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह के मुताबिक, बुधवार रात शराबियों के हंगामे की सूचना पर गई पुलिस टीम पर भीड़ ने पथराव कर हिरासत में लिए गए 3 आरोपियों को छुड़ा लिया था। इस मामले में अजय पासवान समेत 6 नामजद और अज्ञात पर प्राथमिकी (कांड संख्या 267/26) दर्ज की गई थी। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर गुरुवार देर रात पुलिस अजय को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस का दावा है कि वापसी के दौरान बाइक सवार उपद्रवियों ने पुलिस वाहन पर पथराव किया, जिससे एएसआई राजेश सिंह घायल हो गए और गाड़ी का अगला शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस का कहना है कि पथराव के बीच अजय ने वज्र वाहन का पिछला शीशा पैर से तोड़ा और भागने के लिए चलती गाड़ी से बाहर कूद गया। सड़क पर गिरने और घिसटने के कारण उसकी पीठ में गंभीर चोटें आई हैं। डीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट ने अस्पताल में घायल से की मुलाकात डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र और बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने अस्पताल पहुंचकर घायल अजय पासवान से मुलाकात की और डॉक्टरों को समुचित इलाज के निर्देश दिए। बेनीपुर एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचा है और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है। पूरे मामले की जांच जारी है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। दरभंगा में पुलिस पर हमलों का सिलसिला दरभंगा में शराबबंदी कानून लागू कराने गई पुलिस टीमों पर लगातार हमले हो रहे हैं: 10 सितंबर (रैयाम): बनसारा में पुलिस वाहन को ट्रैक्टर-जेसीबी से घेरकर शराब कारोबारी को छुड़ाया गया। 28 अगस्त (सिंहवाड़ा): शराबियों ने डायल-112 की टीम पर हमला किया, जिसमें 4 पुलिसकर्मी घायल हुए। 17 अगस्त (बहादुरपुर): खराजपुर में टेक्निकल सेल की टीम के साथ मारपीट हुई। 19 अप्रैल (बहेड़ा): दलित टोला में मद्यनिषेध विभाग की टीम पर हमला कर 3 पुलिसकर्मियों को जख्मी किया गया था।

