नूंह जिले के मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज पल्ला को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। शुक्रवार को हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक और पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन कॉलेज पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक छात्रों से बात की और कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि छात्रों ने सफाई, सीवर लाइन जाम होने, पीने के पानी, हॉस्टल की दीवारों की मरम्मत, लाइब्रेरी, खेल किट, मैदान की सफाई, कॉलेज और हॉस्टल की पेंटिंग तथा भोजन की गुणवत्ता जैसी समस्याएं बताईं। छात्रों से बात करने पर कोई समस्या नहीं आई सामने हुसैन ने दावा किया कि छात्रों से बात करने पर कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई, जैसा कि पिछले दिनों प्रचारित किया गया था। उन्होंने कांग्रेस विधायक आफताब पर निशाना साधा। हुसैन ने आरोप लगाया कि कॉलेज की छोटी समस्याओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताकर वक्फ बोर्ड और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। हुसैन ने बताया कि साल 2013 से वक्फ बोर्ड कॉलेज को कर्ज के तौर पर आर्थिक मदद दे रहा है। उनके मुताबिक, कॉलेज पर करीब 20 करोड़ रुपए का कर्ज है। बोर्ड कॉलेज की स्थापना और इसे चलाने के लिए अब तक 60 करोड़ रुपए से ज्यादा की कर्ज सहायता दे चुका है। केंद्र और हरियाणा सरकार से 5 करोड़ अनुदान की मांग उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के सीईओ मोहम्मद शाहीन के साथ मिलकर उन्होंने केंद्र और हरियाणा सरकार से कॉलेज के लिए पांच करोड़ रुपए के अनुदान की मांग की है। जाकिर हुसैन ने यह भी साफ किया कि कॉलेज को बंद करने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक ने क्या कहा था बता दें कि, इस मामले में कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने बुधवार को हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक चौधरी जाकिर हुसैन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि यह देश का पहला वक्फ इंजीनियरिंग कॉलेज है। आफताब ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों में कॉलेज में नियमित शिक्षकों की संख्या बहुत कम हो गई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।

