विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर समाज में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बढ़नी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं जननी मोबियस टीम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों को योग्य दंपतियों तक परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी ने परिवार नियोजन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। जननी मोबियस टीम के परिवार नियोजन प्रशिक्षक मनोज कुमार ने आशा कार्यकर्ताओं को स्थायी एवं अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे दंपतियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सही विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करें, ताकि अनचाहे गर्भधारण और असुरक्षित गर्भपात को रोका जा सके। मोबाइल वाहन से गांव-गांव पहुंच रहा संदेश ‘आकार परियोजना’ के जिला संयोजक देवेंद्र सिंह ने बताया कि मोबियस फाउंडेशन द्वारा संचालित इस परियोजना के तहत पूरे जिले में परिवार नियोजन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के बीच उचित अंतर रखने से मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘मोबाइल कॉट वाहन’ के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों को छोटे परिवार के लाभ बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही, विभिन्न ब्लॉकों में शिविर लगाकर योग्य दंपतियों को निःशुल्क परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। पुरुष सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर कार्यक्रम के दौरान परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से कंडोम वितरण और अन्य जागरूकता गतिविधियों पर भी विशेष बल दिया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीसीपीएम (BCPM), बीपीएम (BPM) सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

