गया में पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले गया रेलवे जंक्शन पर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, सदर एसडीओ, एसएसपी सुशील कुमार और सिटी एसपी समेत कई अधिकारियों ने जंक्शन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने, पीने के पानी, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने शौचालय, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था समेत सभी तैयारियों को बारीकी से परखा। पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गया आते हैं। गया जंक्शन उनके आने-जाने का मुख्य केंद्र होता है। यात्रियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और रेलवे मिलकर व्यवस्थाएं कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वेटिंग रूम के व्यवस्थाएं देखी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वेटिंग रूम की व्यवस्था देखी। यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और इंतजार करने की सुविधा परखी गई। वेटिंग रूम के साथ ही शौचालयों की साफ-सफाई और उनके रखरखाव की भी समीक्षा हुई। स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने और आराम करने के लिए लगाए जाने वाले टेंट का भी जायजा लिया गया। ट्रेन और प्लेटफॉर्म की जानकारी डिस्प्ले और अनाउंसमेंट से मिलेगी, इसकी व्यवस्था भी जांची गई। अधिकारियों ने पीने के पानी और मेडिकल सुविधा की भी समीक्षा की। किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत इलाज मिल सके, इस पर जोर दिया गया। भीड़ और यात्रियों की समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी देखी गई। गया जंक्शन पर संकरे फुटओवर ब्रिज पर खास नजर रखी जाएगी। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर यहां भीड़ का दबाव न बढ़े, इसके लिए विशेष पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। भीड़ की स्थिति के अनुसार यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाएगा। अब डिस्प्ले बताएगा किस ट्रेन का कौन सा प्लेटफॉर्म रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। स्टेशन पर जिन स्थानों पर श्रद्धालु ठहरेंगे या ट्रेनों का इंतजार करेंगे, वहां ट्रेन के नाम/नंबर और प्लेटफॉर्म की जानकारी डिस्प्ले के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही ट्रेनों के प्लेटफॉर्म और आवागमन से संबंधित जानकारी का अनाउंसमेंट भी लगातार किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को ट्रेन पकड़ने के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाओं को संचालित करने पर जोर दिया। पितृपक्ष मेले में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा, सुरक्षित आवागमन और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्टेशन पर सुरक्षा से लेकर सुविधा तक हर मोर्चे पर तैयारी की जा रही है। पितृपक्ष मेला में तीर्थयात्रियों के लिए गांधी मैदान में 2500 क्षमता वाले टेंट सिटी का निर्माण गया शहर के गांधी मैदान में 2500 तीर्थयात्रियों की क्षमता वाले टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। टेंट सिटी में तीर्थयात्रियों को निशुल्क ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और सीनियर एसपी सुशील कुमार ने गांधी मैदान पहुंचकर निर्माणाधीन टेंट सिटी का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने टेंट सिटी के ले-आउट, नक्शा, डायग्राम एवं डी-मार्किंग का जायजा लिया तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टेंट सिटी का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि यह पूरी तरह हवादार एवं सुरक्षित रहे। उन्होंने टेंट के नीचे कम-से-कम 4 इंच ऊंचाई का वुडेन फ्रेम तैयार कराने का निर्देश दिया, ताकि बारिश अथवा जमीन पर पानी रहने की स्थिति में भी टेंट में ठहरने वाले तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। टेंट सिटी में उपलब्ध रहेंगी व्यापक सुविधाएं टेंट सिटी में तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। यहां 24 घंटे पावर बैकअप, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल के लिए आरओ वाटर, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षा के लिए 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात होंगे सिक्योरिटी गार्ड यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर साइनेज लगाए जाएंगे। टेंट सिटी परिसर में सीसीटीवी कैमरे, वीआईपी लाउंज, टॉयलेट, रिसेप्शन एरिया, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सेल्फी प्वाइंट एवं एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की जा रही है। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियों का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 8-8 घंटे की पालियों में सिक्योरिटी गार्ड की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। सामान की सुरक्षा के लिए बनेगा सेफ्टी काउंटर एवं लॉकर निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तीर्थयात्रियों के सामान की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री तर्पण एवं पिंडदान के लिए जाते समय अपना सामान टेंट सिटी में ही छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में सामान की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टेंट सिटी में सेफ्टी काउंटर एवं लॉकर की व्यवस्था करने तथा टोकन सिस्टम के माध्यम से यात्रियों के सामान को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, ताकि तीर्थयात्री निश्चिंत होकर अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें। ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर एवं यात्री रजिस्टर की होगी व्यवस्था जिलाधिकारी ने टेंट सिटी के समीप ‘मे आई हेल्प यू’ (May I Help You) काउंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। इस काउंटर के माध्यम से बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने टेंट सिटी में ठहरने वाले यात्रियों का रजिस्टर में संधारण करने का भी निर्देश दिया, जिसमें यात्रियों की आवश्यक जानकारी एवं उनके ठहरने की अवधि दर्ज की जाए। इससे यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि कौन-कौन से तीर्थयात्री टेंट सिटी में कितने दिनों तक ठहरे हैं। गया में पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले गया रेलवे जंक्शन पर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, सदर एसडीओ, एसएसपी सुशील कुमार और सिटी एसपी समेत कई अधिकारियों ने जंक्शन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने, पीने के पानी, साफ-सफाई और मेडिकल सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने शौचालय, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था समेत सभी तैयारियों को बारीकी से परखा। पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गया आते हैं। गया जंक्शन उनके आने-जाने का मुख्य केंद्र होता है। यात्रियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और रेलवे मिलकर व्यवस्थाएं कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वेटिंग रूम के व्यवस्थाएं देखी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वेटिंग रूम की व्यवस्था देखी। यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और इंतजार करने की सुविधा परखी गई। वेटिंग रूम के साथ ही शौचालयों की साफ-सफाई और उनके रखरखाव की भी समीक्षा हुई। स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने और आराम करने के लिए लगाए जाने वाले टेंट का भी जायजा लिया गया। ट्रेन और प्लेटफॉर्म की जानकारी डिस्प्ले और अनाउंसमेंट से मिलेगी, इसकी व्यवस्था भी जांची गई। अधिकारियों ने पीने के पानी और मेडिकल सुविधा की भी समीक्षा की। किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत इलाज मिल सके, इस पर जोर दिया गया। भीड़ और यात्रियों की समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी देखी गई। गया जंक्शन पर संकरे फुटओवर ब्रिज पर खास नजर रखी जाएगी। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर यहां भीड़ का दबाव न बढ़े, इसके लिए विशेष पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। भीड़ की स्थिति के अनुसार यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाएगा। अब डिस्प्ले बताएगा किस ट्रेन का कौन सा प्लेटफॉर्म रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। स्टेशन पर जिन स्थानों पर श्रद्धालु ठहरेंगे या ट्रेनों का इंतजार करेंगे, वहां ट्रेन के नाम/नंबर और प्लेटफॉर्म की जानकारी डिस्प्ले के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही ट्रेनों के प्लेटफॉर्म और आवागमन से संबंधित जानकारी का अनाउंसमेंट भी लगातार किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को ट्रेन पकड़ने के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाओं को संचालित करने पर जोर दिया। पितृपक्ष मेले में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा, सुरक्षित आवागमन और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्टेशन पर सुरक्षा से लेकर सुविधा तक हर मोर्चे पर तैयारी की जा रही है। पितृपक्ष मेला में तीर्थयात्रियों के लिए गांधी मैदान में 2500 क्षमता वाले टेंट सिटी का निर्माण गया शहर के गांधी मैदान में 2500 तीर्थयात्रियों की क्षमता वाले टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है। टेंट सिटी में तीर्थयात्रियों को निशुल्क ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और सीनियर एसपी सुशील कुमार ने गांधी मैदान पहुंचकर निर्माणाधीन टेंट सिटी का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने टेंट सिटी के ले-आउट, नक्शा, डायग्राम एवं डी-मार्किंग का जायजा लिया तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टेंट सिटी का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि यह पूरी तरह हवादार एवं सुरक्षित रहे। उन्होंने टेंट के नीचे कम-से-कम 4 इंच ऊंचाई का वुडेन फ्रेम तैयार कराने का निर्देश दिया, ताकि बारिश अथवा जमीन पर पानी रहने की स्थिति में भी टेंट में ठहरने वाले तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। टेंट सिटी में उपलब्ध रहेंगी व्यापक सुविधाएं टेंट सिटी में तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। यहां 24 घंटे पावर बैकअप, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल के लिए आरओ वाटर, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन एवं नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षा के लिए 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात होंगे सिक्योरिटी गार्ड यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर साइनेज लगाए जाएंगे। टेंट सिटी परिसर में सीसीटीवी कैमरे, वीआईपी लाउंज, टॉयलेट, रिसेप्शन एरिया, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सेल्फी प्वाइंट एवं एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की जा रही है। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियों का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 8-8 घंटे की पालियों में सिक्योरिटी गार्ड की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। सामान की सुरक्षा के लिए बनेगा सेफ्टी काउंटर एवं लॉकर निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तीर्थयात्रियों के सामान की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री तर्पण एवं पिंडदान के लिए जाते समय अपना सामान टेंट सिटी में ही छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में सामान की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टेंट सिटी में सेफ्टी काउंटर एवं लॉकर की व्यवस्था करने तथा टोकन सिस्टम के माध्यम से यात्रियों के सामान को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, ताकि तीर्थयात्री निश्चिंत होकर अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें। ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर एवं यात्री रजिस्टर की होगी व्यवस्था जिलाधिकारी ने टेंट सिटी के समीप ‘मे आई हेल्प यू’ (May I Help You) काउंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। इस काउंटर के माध्यम से बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने टेंट सिटी में ठहरने वाले यात्रियों का रजिस्टर में संधारण करने का भी निर्देश दिया, जिसमें यात्रियों की आवश्यक जानकारी एवं उनके ठहरने की अवधि दर्ज की जाए। इससे यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि कौन-कौन से तीर्थयात्री टेंट सिटी में कितने दिनों तक ठहरे हैं।

