हाथरस में विश्वविख्यात हास्य कवि काका हाथरसी को आज शुक्रवार को उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। ओढ़पुरा तिराहे के पास बने काका हाथरसी स्मारक पार्क में एक कार्यक्रम हुआ। संगीत कार्यालय के प्रबंधक शरण गोपाल ने काका की प्रतिमा पर माला चढ़ाई। उन्होंने कहा कि काका जी रोते हुए इंसान को भी हंसा देते थे। वे सिर्फ कवि ही नहीं, बल्कि अच्छे अभिनेता, चित्रकार, संपादक और लेखक भी थे। उनकी लिखी किताबें आज हजारों संगीत के छात्रों को राह दिखा रही है। काका हाथरसी स्मारक समिति के सचिव डॉ. जितेंद्र शर्मा ने भी माल्यार्पण किया। काका हाथरसी आयोजन समिति के प्रभारी अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने फूल चढ़ाए। उन्होंने कहा कि काका हाथरसी ने हास्य-व्यंग्य को देश-विदेश तक पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने हमारी हिंदी भाषा का भी मान बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने काका की कविताएं सुनाईं, जिससे वहां मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए। लक्ष्मण सिंह ने आगे कहा कि उनकी व्यंग्य रचनाएं हंसी से भरी होती थीं। उन्हें पेश करने का उनका अंदाज लोगों को दीवाना बना देता था। सुधीर कुमार ने बताया कि काका एक बेहतरीन चित्रकार भी थे। उनके बनाए संगीतकारों के चित्र आज कार्यालय की शोभा बढ़ा रहे हैं। इस मौके पर दीपक रफी ने भी काका की रचनाएं सुनाईं। मुरसान गेट स्थित संगीत कार्यालय में प्रबंधक शरण गोपाल ने उनके चित्र पर माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। मनीष कुमार और जितेंद्र कुमार ने भी काका को याद किया।

