किशनगंज के दो बड़े रेलवे स्टेशन, किशनगंज और ठाकुरगंज, का तेजी से बदलाव किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे इस काम का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगर काम इसी रफ्तार से चलता रहा तो साल 2027 की शुरुआत तक दोनों स्टेशन पूरी तरह से आधुनिक बन जाएंगे। रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना का मकसद देशभर के स्टेशनों को आधुनिक बनाना और यात्रियों को अच्छा सफर अनुभव देना है। इसी योजना के लिए किशनगंज और ठाकुरगंज स्टेशन चुने गए थे। अभी दोनों स्टेशनों पर तेजी से काम चल रहा है। 20 करोड़ का बन रहा फुट ओवरब्रिज किशनगंज रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने में करीब 42 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसमें 20 करोड़ रुपए का फुट ओवरब्रिज बन रहा है। स्टेशन की इमारत की मरम्मत और बाकी सुविधाओं पर 9 करोड़ रुपये लगेंगे। बिजली और दूसरे तकनीकी कामों पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने और मरम्मत के लिए 27.80 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से होगै लैस परियोजना पूरी होने पर दोनों स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस दिखेंगे। स्टेशन की इमारतों को नया और सुंदर रूप दिया जा रहा है। यात्रियों के लिए आधुनिक वेटिंग रूम, अच्छे टिकट काउंटर, साफ और आधुनिक शौचालय, पीने के पानी का पूरा इंतजाम और दिव्यांगों के लिए खास सुविधाएं बनाई जा रही हैं। साथ ही, अच्छी रोशनी, डिजिटल जानकारी सिस्टम, नए साइन बोर्ड और स्टेशन परिसर को सुंदर बनाने का काम भी चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म का विस्तार, फर्श को नया करना और आने-जाने वाले दरवाजों को आधुनिक बनाना भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इससे यात्रियों को स्टेशन पर आने-जाने में ज्यादा आसानी होगी और भीड़ को भी अच्छे से संभाला जा सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था को भी इस परियोजना में विशेष महत्व दिया गया है। दोनों स्टेशनों पर आधुनिक निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है। प्रत्येक स्टेशन पर 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से पूरे स्टेशन परिसर की निगरानी की जाएगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ असामाजिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। 70 प्रतिशत निर्माण कार्य हो चुका पूरा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया जा रहा है। कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अभी तक लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तेजी से जारी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन न केवल आधुनिक और आकर्षक दिखेंगे, बल्कि यात्रियों को महानगरों के बड़े रेलवे स्टेशनों जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे जिले की पहचान को नई मजबूती मिलेगी और रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों में परियोजना के पूर्ण होने के बाद दोनों स्टेशनों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और आकर्षक आधारभूत संरचना के साथ किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन जिले के विकास की नई पहचान बनकर उभरेंगे। किशनगंज के दो बड़े रेलवे स्टेशन, किशनगंज और ठाकुरगंज, का तेजी से बदलाव किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे इस काम का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगर काम इसी रफ्तार से चलता रहा तो साल 2027 की शुरुआत तक दोनों स्टेशन पूरी तरह से आधुनिक बन जाएंगे। रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना का मकसद देशभर के स्टेशनों को आधुनिक बनाना और यात्रियों को अच्छा सफर अनुभव देना है। इसी योजना के लिए किशनगंज और ठाकुरगंज स्टेशन चुने गए थे। अभी दोनों स्टेशनों पर तेजी से काम चल रहा है। 20 करोड़ का बन रहा फुट ओवरब्रिज किशनगंज रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने में करीब 42 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसमें 20 करोड़ रुपए का फुट ओवरब्रिज बन रहा है। स्टेशन की इमारत की मरम्मत और बाकी सुविधाओं पर 9 करोड़ रुपये लगेंगे। बिजली और दूसरे तकनीकी कामों पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने और मरम्मत के लिए 27.80 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से होगै लैस परियोजना पूरी होने पर दोनों स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस दिखेंगे। स्टेशन की इमारतों को नया और सुंदर रूप दिया जा रहा है। यात्रियों के लिए आधुनिक वेटिंग रूम, अच्छे टिकट काउंटर, साफ और आधुनिक शौचालय, पीने के पानी का पूरा इंतजाम और दिव्यांगों के लिए खास सुविधाएं बनाई जा रही हैं। साथ ही, अच्छी रोशनी, डिजिटल जानकारी सिस्टम, नए साइन बोर्ड और स्टेशन परिसर को सुंदर बनाने का काम भी चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म का विस्तार, फर्श को नया करना और आने-जाने वाले दरवाजों को आधुनिक बनाना भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इससे यात्रियों को स्टेशन पर आने-जाने में ज्यादा आसानी होगी और भीड़ को भी अच्छे से संभाला जा सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था को भी इस परियोजना में विशेष महत्व दिया गया है। दोनों स्टेशनों पर आधुनिक निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है। प्रत्येक स्टेशन पर 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से पूरे स्टेशन परिसर की निगरानी की जाएगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ असामाजिक गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। 70 प्रतिशत निर्माण कार्य हो चुका पूरा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया जा रहा है। कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अभी तक लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तेजी से जारी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन न केवल आधुनिक और आकर्षक दिखेंगे, बल्कि यात्रियों को महानगरों के बड़े रेलवे स्टेशनों जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे जिले की पहचान को नई मजबूती मिलेगी और रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों में परियोजना के पूर्ण होने के बाद दोनों स्टेशनों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और आकर्षक आधारभूत संरचना के साथ किशनगंज और ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन जिले के विकास की नई पहचान बनकर उभरेंगे।

