सुपौल में निजी क्लीनिक के हेड कंपाउंडर की मौत; हंगामा:3 दिनों से थी तबीयत खराब, एक साल पहले हुई थी शादी, क्लिनिक बंद कर कर्मी गायब

सुपौल में निजी क्लीनिक के हेड कंपाउंडर की मौत; हंगामा:3 दिनों से थी तबीयत खराब, एक साल पहले हुई थी शादी, क्लिनिक बंद कर कर्मी गायब

सुपौल में शुक्रवार को रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी उपाधीक्षक के निजी क्लीनिक में कार्यरत हेड कंपाउंडर की मौत के बाद हंगामा हो गया। घटना राघोपुर प्रखंड के गणपतगंज बाजार की है। मृतक की पहचान धरहरा पंचायत के वार्ड-9 स्थित राम टोला निवासी भूपेंद्र राम के बेटे रणजीत कुमार (26) के रूप में हुई है। परिजनों ने क्लीनिक में इलाज के दौरान लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद क्लीनिक बंद है और मौके पर लोगों की भीड़ जुटी हुई है। परिजन के अनुसार रणजीत पिछले करीब पांच सालों से गणपतगंज बाजार स्थित उक्त निजी क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में काम कर रहा था। पिछले दो-तीन दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। उसका घर क्लीनिक से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। गुरुवार शाम क्लीनिक में उसे पानी चढ़ाया गया था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे राघोपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इलाज के दौरान शरीर में आई सूजन मृतक के परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में इलाज के दौरान रणजीत के शरीर में सूजन आ गई थी। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों ने इलाज के तरीके और क्लीनिक में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम या चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बताया गया कि यह निजी क्लीनिक गणपतगंज अतिरिक्त उपस्वास्थ्य केंद्र के ठीक बगल में संचालित होता है और राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. दीप नारायण राम का बताया जा रहा है। क्लीनिक में रणजीत के अलावा एक अन्य कर्मी भी काम करता है। एक साल पहले हुई थी शादी घटना के बाद शुक्रवार सुबह क्लीनिक पर कोई कर्मी मौजूद नहीं था और मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। क्लीनिक परिसर में बने आवासीय परिसर के गेट पर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। मृतक की पत्नी अंशु देवी क्लीनिक के पास विलाप करती रही। रणजीत की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। दंपती के कोई बच्चे नहीं हैं। उसकी मां का नाम द्रौपदी देवी बताया गया है। मामले में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुपौल में शुक्रवार को रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी उपाधीक्षक के निजी क्लीनिक में कार्यरत हेड कंपाउंडर की मौत के बाद हंगामा हो गया। घटना राघोपुर प्रखंड के गणपतगंज बाजार की है। मृतक की पहचान धरहरा पंचायत के वार्ड-9 स्थित राम टोला निवासी भूपेंद्र राम के बेटे रणजीत कुमार (26) के रूप में हुई है। परिजनों ने क्लीनिक में इलाज के दौरान लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद क्लीनिक बंद है और मौके पर लोगों की भीड़ जुटी हुई है। परिजन के अनुसार रणजीत पिछले करीब पांच सालों से गणपतगंज बाजार स्थित उक्त निजी क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में काम कर रहा था। पिछले दो-तीन दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। उसका घर क्लीनिक से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। गुरुवार शाम क्लीनिक में उसे पानी चढ़ाया गया था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे राघोपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इलाज के दौरान शरीर में आई सूजन मृतक के परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में इलाज के दौरान रणजीत के शरीर में सूजन आ गई थी। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों ने इलाज के तरीके और क्लीनिक में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम या चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बताया गया कि यह निजी क्लीनिक गणपतगंज अतिरिक्त उपस्वास्थ्य केंद्र के ठीक बगल में संचालित होता है और राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. दीप नारायण राम का बताया जा रहा है। क्लीनिक में रणजीत के अलावा एक अन्य कर्मी भी काम करता है। एक साल पहले हुई थी शादी घटना के बाद शुक्रवार सुबह क्लीनिक पर कोई कर्मी मौजूद नहीं था और मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। क्लीनिक परिसर में बने आवासीय परिसर के गेट पर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। मृतक की पत्नी अंशु देवी क्लीनिक के पास विलाप करती रही। रणजीत की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। दंपती के कोई बच्चे नहीं हैं। उसकी मां का नाम द्रौपदी देवी बताया गया है। मामले में जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

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