अंटू इस्सर का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास:बाहुबली राजद नेता अखिलेश राय हत्याकांड में पहली बार आया था नाम; AK-47 के साथ हुई थी गिरफ्तारी

अंटू इस्सर का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास:बाहुबली राजद नेता अखिलेश राय हत्याकांड में पहली बार आया था नाम; AK-47 के साथ हुई थी गिरफ्तारी

जहानाबाद के भानु हत्याकांड में गिरफ्तार लोजपा (R) नेता, सिनेमा हॉल कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर रोहित कुमार उर्फ अंटू इस्सर (43) का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। शहर के बहादुरपुर मोहल्ले के रहने वाले अंटू इस्सर के खिलाफ समस्तीपुर के अलावा मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले में हत्या, रंगदारी समेत अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े करीब 12 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें से कई मामलों में वह जमानत पर हैं। मंगलवार देर शाम बहादुरपुर स्थित आवास से बिहार एसटीएफ टीम ने उर्फ अंटू इस्सर को गिरफ्तार किया था। करीब 2 घंटे तक छापेमारी चली थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोगों ने अंटू को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया था। एसटीएफ की टीम ने घर के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी ली, लेकिन उनका पता नहीं चला। शक होने पर पुलिस ने उक्त कमरे का ताला तोड़ा। तलाशी के दौरान अंटू बेड के पीछे मिला था। अंटू इस्सर की गिरफ्तारी की 2 तस्वीरें… अब जानिए अंटू का आपराधिक इतिहास अंटू इस्सर के पिता अशोक कुमार अनुरूप टॉकीज नामक सिनेमा हॉल का संचालन करते थे। अंटू तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। बड़े भाई अंशु और मंझले भाई हरसु सिनेमा हॉल के कारोबार के साथ ठेकेदारी का काम भी संभालते हैं। अंटू पिछले कुछ समय से रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े थे। राजनीतिक पकड़ बनाने के उद्देश्य से उन्होंने लोजपा (R) से जुड़कर संगठन में सक्रियता बढ़ाई। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने संगठन से अलग निर्दलीय प्रत्याशी चेतना झा का समर्थन किया था और उनके साथ रोड शो में भी शामिल हुए थे। अंटू के सोशल मीडिया अकाउंट पर लोजपा के कई बड़े नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें भी हैं। एक तस्वीर में वह चिराग पासवान के साथ भोजन करते नजर आ रहे हैं, जबकि स्थानीय सांसद शांभवी चौधरी के साथ मंच साझा करते हुए भी उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। राजद नेता अखिलेश राय हत्याकांड के बाद पहली बार चर्चा में आया नाम राजद नेता बाहुबली अखिलेश राय और रामउदेश राय की हत्या के बाद वर्ष 2006 में अंटू इस्सर का नाम पहली बार चर्चा में आया था। हत्याकांड के आरोपी कुख्यात चुन्नू सिंह को दिल्ली में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इसी दौरान पुलिस ने अंटू को भी चुन्नू सिंह के साथ पकड़ा था। उस समय अंटू के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था। वह दिल्ली में पढ़ाई करने गया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था। हालांकि, उस दौर में अपराध जगत में यह चर्चा थी कि अंटू चुन्नू सिंह की बाइक पर बैठा था, जबकि रवि बाइक चला रहा था। बाद में इस मामले में अदालत से भी उसे राहत मिली थी। अखिलेश राय की हत्या रेलवे मंडल में ठेकेदारी के वर्चस्व से जोड़कर देखी गई थी। बताया जाता था कि रेलवे के ठेकों में अखिलेश राय का प्रभाव था और उनकी अनुमति के बिना दूसरे लोगों को काम मिलने में परेशानी होती थी। कुख्यात राजीव के साथ एके-47 के साथ पकड़ा गया था सकरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने कुख्यात राजीव के साथ अंटू इस्सर को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, मौके से हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए थे। बरामद हथियारों में एक एके-47 भी शामिल थी। इस मामले में अंटू को जेल जाना पड़ा था। राजद नेता कुंदन यादव हत्याकांड में भी सामने आया था नाम शहर के बंगाली टोला निवासी राजद नेता कुंदन यादव की वर्ष 2011 में हुई हत्या के मामले में भी अंटू इस्सर का नाम पुलिस की जांच में सामने आया था। घटना के बाद परिवार के लोगों ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला चर्चा में आने के बाद इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। जांच के दौरान अंटू का नाम सामने आने की बात कही गई थी। यह मामला अभी सीआईडी की जांच/ट्रायल की प्रक्रिया में लंबित बताया जा रहा है। स्क्रैप कारोबारी बद्री गोयनका के घर पर फायरिंग में भी था नामजद वर्ष 2019 में शहर के चर्चित स्क्रैप कारोबारी बद्री गोयनका के घर में घुसकर फायरिंग के मामले में भी अंटू इस्सर को नामजद किया गया था। गोलीबारी की इस घटना में कारोबारी बद्री गोयनका के अलावा उनकी पत्नी सोनम गोयनका और बेटी अदिति भी घायल हुई थीं। लंबे इलाज के बाद तीनों की जान बची थी। इस मामले में अंटू इस्सर ने अदालत में सरेंडर किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई। जेल से बाहर आने के बाद उसने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और लोजपा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि पूर्व सांसद और बाहुबली नेता सूरजभान सिंह के माध्यम से अंटू की लोजपा में एंट्री हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे वह जमीन और प्रॉपर्टी के कारोबार से भी जुड़ गया। हत्या के मामले में हुई है लोजपा (रामविलास) के नेता की गिरफ्तारी दरअसल, 17 फरवरी 2026 की शाम अंटू इस्सर अपने सहयोगी के साथ कार से घर जा रहे थे। इसी दौरान कार और बाइक से पहुंचे बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में अंटू इस्सर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके चालक व सहयोगी शुभम कुमार उर्फ ईशु के सीने के पास गोली लगी थी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना के दो दिन बाद बदमाशों के भागने में इस्तेमाल की गई कार गंगा ब्रिज के पाया नंबर एक के पास लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसके अंदर एक युवक का शव मिला। गोली लगने से उसकी मौत हुई थी। बाद में शव की पहचान जहानाबाद जिले के हुलासगंज निवासी मुरारी शर्मा के पुत्र भानु कुमार के रूप में हुई। जहानाबाद के भानु हत्याकांड में गिरफ्तार लोजपा (R) नेता, सिनेमा हॉल कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर रोहित कुमार उर्फ अंटू इस्सर (43) का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। शहर के बहादुरपुर मोहल्ले के रहने वाले अंटू इस्सर के खिलाफ समस्तीपुर के अलावा मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले में हत्या, रंगदारी समेत अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े करीब 12 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें से कई मामलों में वह जमानत पर हैं। मंगलवार देर शाम बहादुरपुर स्थित आवास से बिहार एसटीएफ टीम ने उर्फ अंटू इस्सर को गिरफ्तार किया था। करीब 2 घंटे तक छापेमारी चली थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोगों ने अंटू को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया था। एसटीएफ की टीम ने घर के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी ली, लेकिन उनका पता नहीं चला। शक होने पर पुलिस ने उक्त कमरे का ताला तोड़ा। तलाशी के दौरान अंटू बेड के पीछे मिला था। अंटू इस्सर की गिरफ्तारी की 2 तस्वीरें… अब जानिए अंटू का आपराधिक इतिहास अंटू इस्सर के पिता अशोक कुमार अनुरूप टॉकीज नामक सिनेमा हॉल का संचालन करते थे। अंटू तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। बड़े भाई अंशु और मंझले भाई हरसु सिनेमा हॉल के कारोबार के साथ ठेकेदारी का काम भी संभालते हैं। अंटू पिछले कुछ समय से रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े थे। राजनीतिक पकड़ बनाने के उद्देश्य से उन्होंने लोजपा (R) से जुड़कर संगठन में सक्रियता बढ़ाई। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने संगठन से अलग निर्दलीय प्रत्याशी चेतना झा का समर्थन किया था और उनके साथ रोड शो में भी शामिल हुए थे। अंटू के सोशल मीडिया अकाउंट पर लोजपा के कई बड़े नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें भी हैं। एक तस्वीर में वह चिराग पासवान के साथ भोजन करते नजर आ रहे हैं, जबकि स्थानीय सांसद शांभवी चौधरी के साथ मंच साझा करते हुए भी उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। राजद नेता अखिलेश राय हत्याकांड के बाद पहली बार चर्चा में आया नाम राजद नेता बाहुबली अखिलेश राय और रामउदेश राय की हत्या के बाद वर्ष 2006 में अंटू इस्सर का नाम पहली बार चर्चा में आया था। हत्याकांड के आरोपी कुख्यात चुन्नू सिंह को दिल्ली में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। इसी दौरान पुलिस ने अंटू को भी चुन्नू सिंह के साथ पकड़ा था। उस समय अंटू के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था। वह दिल्ली में पढ़ाई करने गया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था। हालांकि, उस दौर में अपराध जगत में यह चर्चा थी कि अंटू चुन्नू सिंह की बाइक पर बैठा था, जबकि रवि बाइक चला रहा था। बाद में इस मामले में अदालत से भी उसे राहत मिली थी। अखिलेश राय की हत्या रेलवे मंडल में ठेकेदारी के वर्चस्व से जोड़कर देखी गई थी। बताया जाता था कि रेलवे के ठेकों में अखिलेश राय का प्रभाव था और उनकी अनुमति के बिना दूसरे लोगों को काम मिलने में परेशानी होती थी। कुख्यात राजीव के साथ एके-47 के साथ पकड़ा गया था सकरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने कुख्यात राजीव के साथ अंटू इस्सर को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, मौके से हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए थे। बरामद हथियारों में एक एके-47 भी शामिल थी। इस मामले में अंटू को जेल जाना पड़ा था। राजद नेता कुंदन यादव हत्याकांड में भी सामने आया था नाम शहर के बंगाली टोला निवासी राजद नेता कुंदन यादव की वर्ष 2011 में हुई हत्या के मामले में भी अंटू इस्सर का नाम पुलिस की जांच में सामने आया था। घटना के बाद परिवार के लोगों ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला चर्चा में आने के बाद इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। जांच के दौरान अंटू का नाम सामने आने की बात कही गई थी। यह मामला अभी सीआईडी की जांच/ट्रायल की प्रक्रिया में लंबित बताया जा रहा है। स्क्रैप कारोबारी बद्री गोयनका के घर पर फायरिंग में भी था नामजद वर्ष 2019 में शहर के चर्चित स्क्रैप कारोबारी बद्री गोयनका के घर में घुसकर फायरिंग के मामले में भी अंटू इस्सर को नामजद किया गया था। गोलीबारी की इस घटना में कारोबारी बद्री गोयनका के अलावा उनकी पत्नी सोनम गोयनका और बेटी अदिति भी घायल हुई थीं। लंबे इलाज के बाद तीनों की जान बची थी। इस मामले में अंटू इस्सर ने अदालत में सरेंडर किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई। जेल से बाहर आने के बाद उसने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और लोजपा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि पूर्व सांसद और बाहुबली नेता सूरजभान सिंह के माध्यम से अंटू की लोजपा में एंट्री हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे वह जमीन और प्रॉपर्टी के कारोबार से भी जुड़ गया। हत्या के मामले में हुई है लोजपा (रामविलास) के नेता की गिरफ्तारी दरअसल, 17 फरवरी 2026 की शाम अंटू इस्सर अपने सहयोगी के साथ कार से घर जा रहे थे। इसी दौरान कार और बाइक से पहुंचे बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में अंटू इस्सर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके चालक व सहयोगी शुभम कुमार उर्फ ईशु के सीने के पास गोली लगी थी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना के दो दिन बाद बदमाशों के भागने में इस्तेमाल की गई कार गंगा ब्रिज के पाया नंबर एक के पास लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसके अंदर एक युवक का शव मिला। गोली लगने से उसकी मौत हुई थी। बाद में शव की पहचान जहानाबाद जिले के हुलासगंज निवासी मुरारी शर्मा के पुत्र भानु कुमार के रूप में हुई।  

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