24 सितंबर को दिल्ली में ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन:सांसद चंद्रशेखर बोले–बाबा साहब ने पूना पैक्ट मजबूरी में किया था..मन से नहीं

24 सितंबर को दिल्ली में ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन:सांसद चंद्रशेखर बोले–बाबा साहब ने पूना पैक्ट मजबूरी में किया था..मन से नहीं

सहारनपुर में नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 24 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर लाइव आकर लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अधिकारों और आरक्षण को लेकर समाज के सामने महत्वपूर्ण सवाल खड़े हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि यदि लोग अपनी आने वाली नस्लों को स्वाभिमान और सम्मान के साथ जीवन जीते देखना चाहते हैं तो उन्हें अपने घरों से निकलकर आंदोलन में शामिल होना होगा। लाइव की शुरुआत चंद्रशेखर ने ‘जय भारत, जय संविधान, जय मंडल, जय जोहार, जय जवान, जय किसान’ के नारों से की। उन्होंने कहा कि एक आवश्यक विषय पर वह लोगों के बीच लाइव आए हैं। उन्होंने अपने समर्थकों और लोगों का आभार जताते हुए कहा कि हजारों षड्यंत्रों के बाद भी लोगों का प्रेम और विश्वास उनके साथ पूरी ताकत और हिम्मत के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उनके पास यही शब्द हैं कि वह जीवनभर लोगों के ऋणी रहेंगे और जब तक जीवन है, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। चंद्रशेखर ने कहा कि 24 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन रखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों को बचाने के लिए घरों से निकलें। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति जीवित है और अपनी आने वाली नस्लों को स्वाभिमान और सम्मान का जीवन जीते देखना चाहता है तो उसे इस आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने लोगों से सवालिया अंदाज में कहा कि जंतर-मंतर पहुंचकर बताइए कि आप सोए हुए हैं या जागे हुए। पूना पैक्ट दिवस पर आंदोलन, बाबा साहब के फैसले का किया जिक्र चंद्रशेखर ने कहा कि 24 सितंबर का दिन पूना पैक्ट दिवस के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब इस दिन को ‘धिक्कार दिवस’ के रूप में मनाते रहे। इसी दिन आंदोलन रखने के पीछे उन्होंने कहा कि देशभर को यह बताया जाएगा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पूना पैक्ट मजबूरी में किया था, मन से नहीं। आजाद समाज पार्टी की ओर से भी 24 सितंबर के कार्यक्रम को ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ बताया गया है। पार्टी के सोशल मीडिया संदेशों में आरक्षण के मुद्दे, ओबीसी क्रीमी लेयर के आय मानदंड की समीक्षा तथा सामाजिक न्याय से जुड़े अन्य मुद्दे उठाए गए हैं। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे पहुंचने की अपील की गई है। 20-22 बिंदुओं का एजेंडा जारी करने की बात चंद्रशेखर ने लाइव में बताया कि आंदोलन के लिए करीब 20 से 22 बिंदुओं को शामिल करते हुए एक पूरा विषय और पंपलेट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे जल्द जारी किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह सरकार ने 500-700 लोगों के प्रदर्शन को लेकर उनसे बातचीत की और सौहार्दपूर्ण तरीके से बात रखी, उसी तरह उनकी मांगों पर भी सरकार सौहार्दपूर्ण तरीके से विचार करेगी। हालिया सार्वजनिक बयानों में चंद्रशेखर ने पदोन्नति में एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण के मुद्दे के लंबित होने की बात भी कही है। 17 सितंबर को उन्होंने जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर कहा था कि पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा 2012 से लंबित है और सरकार से इस पर उचित कार्रवाई की अपेक्षा है। सोशल मीडिया की बयानबाजी पर भी बोले चंद्रशेखर लाइव के दौरान चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर उनके आंदोलन और समर्थकों को लेकर की जा रही बयानबाजी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में कुछ लोगों को स्वीकार्यता नहीं मिल सकती और उनके मुताबिक ऐसे लोग आंदोलन का हिस्सा नहीं हो सकते। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो लगाकर लगातार टिप्पणी करने वालों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि सोशल मीडिया पर होने वाली इस तरह की बातों में उलझने के बजाय उनके संदेश को समझें। उनका कहना था कि आंदोलन का उद्देश्य अधिकारों, आरक्षण और समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों के बीच चंद्रशेखर का आंदोलन दिल्ली में हाल के दिनों में आरक्षण के मुद्दे को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से गतिविधियां सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में चंद्रशेखर की ओर से 24 सितंबर को जंतर-मंतर पर आंदोलन की घोषणा की गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आजाद समाज पार्टी ने इसे आरक्षण के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने वाला एक दिवसीय प्रदर्शन बताया है। चंद्रशेखर ने लाइव संदेश में समर्थकों से अपील की कि वे केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि 24 सितंबर को दिल्ली पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि यह समय अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के सम्मान के लिए खड़े होने का है। उन्होंने अंत में आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताते हुए कहा कि 24 सितंबर को जंतर-मंतर पर मौजूदगी के जरिए समाज अपनी बात मजबूती से सरकार तक पहुंचाएगा।

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