विक्की मेहता हत्याकांड का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार:पुरानी रंजिश और आपसी वर्चस्व में हत्या की बात की स्वीकार; देसी कट्टा-3 कारतूस बरामद

विक्की मेहता हत्याकांड का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार:पुरानी रंजिश और आपसी वर्चस्व में हत्या की बात की स्वीकार; देसी कट्टा-3 कारतूस बरामद

मधेपुरा में 14 सितंबर को विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले का 48 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पुरैनी थाना क्षेत्र के बघरा निवासी ललन कुमार उर्फ शेठु (21), चौसा थाना क्षेत्र के रसलपुर धुरिया निवासी नीतिश कुमार (20), पुरैनी के नया टोला निवासी श्रीधर मंडल (55) और पूर्णिया जिले के रघुवंशनगर थाना क्षेत्र के मोजमपट्टी निवासी अखिलेश कुमार यादव (40) शामिल हैं। आरोपियों ने पूछताछ में विक्की मेहता की हत्या में संलिप्तता स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश, आपसी वर्चस्व और विक्की मेहता के बढ़ते प्रभाव के कारण उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने 2 दिन में 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार एसपी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि 14 सितंबर को नया टोला चौक, उदाकिशुनगंज-नवगछिया रोड पर अपराधियों ने षड्यंत्र कर विक्की मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के बयान पर पुरैनी थाना में नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उदाकिशुनगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने लगातार छापेमारी के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद 16 सितंबर को चारों को गिरफ्तार किया गया। आपसी वर्चस्व में हत्या की बात की स्वीकार पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में विक्की मेहता की हत्या में संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश, आपसी वर्चस्व और विक्की मेहता के बढ़ते प्रभाव के कारण उसकी हत्या की गई। आरोपियों की निशानदेही पर एक देसी कट्टा और 8 एमएम के तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियार और कारतूस के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। आरोपी का पहले से है आपराधिक इतिहास एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अखिलेश कुमार यादव का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रघुवंशनगर थाना में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मृतक विक्की मेहता का भी पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है। हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। कार्रवाई में उदाकिशुनगंज, चौसा, पुरैनी, अरार थाना की पुलिस के साथ तकनीकी शाखा और एसओजी-12 (एसटीएफ) की टीम शामिल रही। सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए खबर… दरअसल, सोमवार को मुखिया के देवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान पुरैनी ब्लॉक के नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के देवर और योगीराज निवासी विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) के रूप में हुई है। वह शाम के समय स्कूल में चल रहे रेनोवेशन का काम देखने जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और करीब 20 राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान विक्की के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गोलियां लगीं। वारदात के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में भर्ती कराया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना पुरैनी थाना क्षेत्र की नरदह पंचायत के नया टोला की है। घटना के बाद तनाव की आशंका को देखते हुए विक्की मेहता के घर और आसपास कई थानों की पुलिस तैनात रही। उदाकिशुनगंज एसडीपीओ पवन कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ अजय कुमार समेत पुलिस पदाधिकारी और जवान स्थिति पर नजर बनाए रहे। मंगलवार सुबह करीब छह बजे आक्रोशित परिजनों ने घर के सामने सड़क जाम कर दिया। वे हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद एसडीपीओ पवन कुमार सिंह ने समझाकर जाम खत्म कराया। 5 नामजद और 8-10 अज्ञात पर FIR परिजनों के फर्द बयान के आधार पर पांच नामजद और आठ से दस अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। नामजद आरोपियों में उदाकिशुनगंज के दुर्गा यादव, नीतीश राणा और शाकिब अयाज, पुरैनी के नरदह निवासी पूर्व पैक्स अध्यक्ष अमित लाल और दुहबी-सुहबी निवासी पूर्व मुखिया स्व. अनिल यादव के बेटे गुड्डू यादव शामिल हैं। विक्की पर अलग-अलग थानों में 24 से ज्यादा केस पुलिस के अनुसार विक्की मेहता के खिलाफ पुरैनी थाना में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में 19 मामले दर्ज हैं। सिंहेश्वर थाना में डकैती समेत अन्य धाराओं में तीन, उदाकिशुनगंज थाना में दो और ग्वालपाड़ा व पूर्णिया जिले के रूपौली थाना में भी मामले दर्ज हैं। वह मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में भी शामिल रहा था। जून 2025 में उसने एक मामले में उदाकिशुनगंज कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। कुछ दिन बाद उसे जमानत मिल गई थी। मधेपुरा में 14 सितंबर को विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले का 48 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पुरैनी थाना क्षेत्र के बघरा निवासी ललन कुमार उर्फ शेठु (21), चौसा थाना क्षेत्र के रसलपुर धुरिया निवासी नीतिश कुमार (20), पुरैनी के नया टोला निवासी श्रीधर मंडल (55) और पूर्णिया जिले के रघुवंशनगर थाना क्षेत्र के मोजमपट्टी निवासी अखिलेश कुमार यादव (40) शामिल हैं। आरोपियों ने पूछताछ में विक्की मेहता की हत्या में संलिप्तता स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश, आपसी वर्चस्व और विक्की मेहता के बढ़ते प्रभाव के कारण उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने 2 दिन में 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार एसपी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि 14 सितंबर को नया टोला चौक, उदाकिशुनगंज-नवगछिया रोड पर अपराधियों ने षड्यंत्र कर विक्की मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के बयान पर पुरैनी थाना में नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उदाकिशुनगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने लगातार छापेमारी के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद 16 सितंबर को चारों को गिरफ्तार किया गया। आपसी वर्चस्व में हत्या की बात की स्वीकार पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में विक्की मेहता की हत्या में संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश, आपसी वर्चस्व और विक्की मेहता के बढ़ते प्रभाव के कारण उसकी हत्या की गई। आरोपियों की निशानदेही पर एक देसी कट्टा और 8 एमएम के तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियार और कारतूस के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। आरोपी का पहले से है आपराधिक इतिहास एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अखिलेश कुमार यादव का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रघुवंशनगर थाना में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मृतक विक्की मेहता का भी पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है। हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। कार्रवाई में उदाकिशुनगंज, चौसा, पुरैनी, अरार थाना की पुलिस के साथ तकनीकी शाखा और एसओजी-12 (एसटीएफ) की टीम शामिल रही। सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए खबर… दरअसल, सोमवार को मुखिया के देवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान पुरैनी ब्लॉक के नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के देवर और योगीराज निवासी विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) के रूप में हुई है। वह शाम के समय स्कूल में चल रहे रेनोवेशन का काम देखने जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और करीब 20 राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान विक्की के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गोलियां लगीं। वारदात के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में भर्ती कराया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना पुरैनी थाना क्षेत्र की नरदह पंचायत के नया टोला की है। घटना के बाद तनाव की आशंका को देखते हुए विक्की मेहता के घर और आसपास कई थानों की पुलिस तैनात रही। उदाकिशुनगंज एसडीपीओ पवन कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ अजय कुमार समेत पुलिस पदाधिकारी और जवान स्थिति पर नजर बनाए रहे। मंगलवार सुबह करीब छह बजे आक्रोशित परिजनों ने घर के सामने सड़क जाम कर दिया। वे हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद एसडीपीओ पवन कुमार सिंह ने समझाकर जाम खत्म कराया। 5 नामजद और 8-10 अज्ञात पर FIR परिजनों के फर्द बयान के आधार पर पांच नामजद और आठ से दस अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। नामजद आरोपियों में उदाकिशुनगंज के दुर्गा यादव, नीतीश राणा और शाकिब अयाज, पुरैनी के नरदह निवासी पूर्व पैक्स अध्यक्ष अमित लाल और दुहबी-सुहबी निवासी पूर्व मुखिया स्व. अनिल यादव के बेटे गुड्डू यादव शामिल हैं। विक्की पर अलग-अलग थानों में 24 से ज्यादा केस पुलिस के अनुसार विक्की मेहता के खिलाफ पुरैनी थाना में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में 19 मामले दर्ज हैं। सिंहेश्वर थाना में डकैती समेत अन्य धाराओं में तीन, उदाकिशुनगंज थाना में दो और ग्वालपाड़ा व पूर्णिया जिले के रूपौली थाना में भी मामले दर्ज हैं। वह मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में भी शामिल रहा था। जून 2025 में उसने एक मामले में उदाकिशुनगंज कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। कुछ दिन बाद उसे जमानत मिल गई थी।  

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