69 हजार शिक्षक भर्ती में एक अंक के विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने विभाग से पूछा है कि 2249 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति क्यों दी गई, जबकि बाकी याचियों को अब तक समान लाभ क्यों नहीं मिला। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने राम जी मिश्रा समेत 12 अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। याचियों ने न्यायालय को बताया कि एक अंक के विवाद से प्रभावित 2249 अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर होना था। इसके बावजूद 7 मई 2026 को सिर्फ विवेक कुमार सिंह को ही नियुक्ति मिली। याचियों का कहना था कि जब एक अभ्यर्थी को समान विवाद में नियुक्ति का लाभ मिला है, तो बाकी अभ्यर्थियों को इससे वंचित रखने का कारण साफ किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग से इस बारे में जवाब मांगा है।

