होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर- अमेरिका ने उड़ाईं ईरान की दो नावें, ड्रोन जब्त करने की कोशिश नाकाम

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर- अमेरिका ने उड़ाईं ईरान की दो नावें, ड्रोन जब्त करने की कोशिश नाकाम

US destroys Iranian boats: एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान की दो छोटी नावों को नष्ट कर दिया। ये नावें होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त कर रही अमेरिकी नौसेना के एक बिना चालक वाले सतही वाहन (USV) को जब्त करने की कोशिश कर रही थीं।

यह घटना सोमवार रात फारस की खाड़ी में ईरान के बंदरगाह शहर करगन के पास हुई, जो होर्मोजगन प्रांत में लराक द्वीप के नजदीक स्थित है। स्थानीय ईरानी मीडिया ने इन नावों को मछली पकड़ने वाली नावें बताया और कहा कि हमले के बाद कई मछुआरे लापता हैं।

IRGC की ड्रोन हाईजैक करने की कोशिश

एक्सिओस से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्यों ने इस अहम जलमार्ग पर तैनात नौसेना के ड्रोन को हाईजैक करने के लिए इन नावों का इस्तेमाल किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने आधिकारिक बयान में इस नाकाम कोशिश की पुष्टि करते हुए कहा कि CENTCOM की जवाबी कार्रवाई के बाद ईरानी नावें असफल रहीं और सतही ड्रोन अब भी अमेरिका के नियंत्रण में है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी हवाई ड्रोन ने दो मिसाइलें दागकर दोनों नावों को नष्ट कर दिया, जिसमें ज्यादातर सवार लोग मारे गए।

ईरान ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार होर्मोज़गन प्रांत के डिप्टी गवर्नर अहमद नफीसी ने इस हमले के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया और बताया कि कई मछुआरे लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल जुटे हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

ट्रंप की बातचीत की पेशकश, ईरान ने जताया संदेह

राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान से बातचीत की इच्छा जताई, लेकिन ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने इसे नकारते हुए अमेरिका के मिले-जुले संदेशों पर चेतावनी दी। तेहरान प्रतिबंध हटाने और युद्ध के हर्जाने की मांग पर अड़ा हुआ है।

यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। इस मार्ग से रोजाना औसतन 40 जहाज अमेरिकी सुरक्षा में गुजरते हैं और करीब 14 मिलियन बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से जाता है।

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