रश्मिका मंदाना के एक्सेंट पर उठे सवाल, ट्रोलिंग पर बोलीं- ‘बेवजह की बकवास पर ध्यान नहीं देती’

रश्मिका मंदाना के एक्सेंट पर उठे सवाल, ट्रोलिंग पर बोलीं- ‘बेवजह की बकवास पर ध्यान नहीं देती’

Rashmika Mandanna Accent: रश्मिका मंदाना अपने एक्सेंट और अलग-अलग भाषाओं में बोलने के तरीके को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर ज्यादा ध्यान नहीं देतीं। एक्ट्रेस का कहना है कि वह लोगों की टिप्पणियों का जवाब देने के बजाय अपने काम पर फोकस करना पसंद करती हैं। कोडागु (कूर्ग) में जन्मी रश्मिका की मातृभाषा कोडवा तक है और उन्होंने अपने करियर में कन्नड़, तेलुगु, तमिल और हिंदी सिनेमा में काम किया है।

‘बेवजह की बकवास पर ध्यान नहीं देती’

अपने एक्सेंट को लेकर होने वाले कमेंट्स पर हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में रश्मिका ने कहा कि एक एक्टर के तौर पर उनका काम अच्छी कहानियां बताना है। वह सेट पर अपना काम करती हैं और बेवजह की बातों में उलझने के बजाय अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान देती हैं।

एक्ट्रेस के मुताबिक, हर फिल्म में पूरी टीम का मकसद मिलकर कुछ खास बनाना होता है। इसलिए वह आलोचनाओं का जवाब देने के बजाय अपने काम को बेहतर करने पर ध्यान देना पसंद करती हैं। रश्मिका ने यह भी कहा कि वह किसी के दबाव में आकर काम नहीं करना चाहतीं। उनका फोकस एक एक्टर के तौर पर अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस देने पर रहता है।

‘हर काम में माहिर, लेकिन किसी में भी एक्सपर्ट नहीं’

अलग-अलग भाषाओं में काम करने के अनुभव पर रश्मिका ने माना कि वह जरूरी नहीं कि किसी एक भाषा में पूरी तरह अच्छी हों। उन्होंने खुद को ऐसी शख्सियत बताया जो कई काम कर सकती हैं, लेकिन किसी एक में खुद को विशेषज्ञ नहीं मानतीं।

उनका मानना है कि अगर वह सामने वाले व्यक्ति से उसकी भाषा में बात कर पाती हैं, तो उनके लिए यही काफी है। अलग-अलग भाषाओं को लेकर उनका नजरिया उनके अब तक के करियर में भी दिखाई देता है।

कोडवा भाषा को लेकर क्या बोलीं रश्मिका?

रश्मिका मंदाना का जन्म और पालन-पोषण कर्नाटक के कोडागु में हुआ है। उनकी मातृभाषा कोडवा तक है। यह ऐसी भाषा है जिसकी अपनी कोई बड़ी फिल्म इंडस्ट्री नहीं है। हालांकि, रश्मिका का कहना है कि भाषा उनके करियर में कभी रुकावट नहीं बनी।

एक्ट्रेस ने बताया कि उनके फैंस, जिन्हें वह अपना परिवार मानती हैं, ने उन्हें तेलुगु सिनेमा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद उन्हें हिंदी फिल्मों में काम करने के लिए भी हौसला मिला। रश्मिका के मुताबिक, वह सभी भाषाओं को अपनी भाषा मानती हैं और अलग-अलग भाषाओं में काम करने के मौकों ने उनके करियर को आगे बढ़ाया।

कन्नड़ से हिंदी सिनेमा तक ऐसा रहा सफर

रश्मिका मंदाना ने 2016 में कन्नड़ फिल्म ‘किरिक पार्टी’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद 2018 में फिल्म ‘चलो’ से उन्होंने तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया।

2021 में उन्होंने तमिल फिल्म ‘सुल्तान’ से तमिल सिनेमा में एंट्री की, जबकि 2022 में आई फिल्म ‘गुडबाय’ से उन्होंने हिंदी फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद रश्मिका कन्नड़, तेलुगु, तमिल और हिंदी फिल्मों में लगातार काम करती रही हैं।

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