गुजरात में सड़क हादसा, समस्तीपुर के 2 मजदूरों की मौत:एंबुलेंस से लाई गईं लाशें, पत्नी बोली- पति ने छठ में आने का किया था वादा

गुजरात में सड़क हादसा, समस्तीपुर के 2 मजदूरों की मौत:एंबुलेंस से लाई गईं लाशें, पत्नी बोली- पति ने छठ में आने का किया था वादा

समस्तीपुर में के 2 मजदूरों की गुजरात के गांधीनगर में सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार शाम दोनों के शव एंबुलेंस से गांव लाए गए। मृतकों में बढ़ौना पंचायत के वार्ड-13 निवासी रामचंद्र पासवान के बेटे अमरजीत पासवान (37) और बहादुर पासवान के बेटे धर्मेंद्र पासवान (34) हैं। दोनों लंबे समय से गुजरात में मजदूरी करते थे। अमरजीत की पत्नी रागनी देवी ने कहा कि घटना वाले दिन सुबह करीब आठ बजे ड्यूटी पर जाने से पहले अमरजीत ने फोन किया था। उन्होंने परिवार के सभी लोगों का हालचाल पूछा और तीज पूजा की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अपनी मां से भी बातचीत की। अमरजीत ने बताया था कि काम का लोड अधिक है और छठ पर्व में घर आएंगे। राबात होने के करीब 2 घंटे बाद उनकी मौत की खबर आ गई। वह परिवार में अकेले कमाने वाले थे। अब परिवार कैसे चलेगा। पिकअप की हाईवा से हो गई थी टक्कर वहीं, मृतक अमरजीत के चचेरे भाई रामनरेश पासवान ने बताया कि गांव के दर्जनभर से अधिक लोग गुजरात में रहकर पोत पर बोरी उतारने का काम करते हैं। 12 सितंबर की सुबह अमरजीत और धर्मेंद्र समेत करीब 25 मजदूर एक पिकअप पर सवार होकर गोदाम में काम करने जा रहे थे। इसी दौरान गांधीधाम स्टेशन श्मशान के पास पिकअप और हाई के बीच टक्कर हो गई। हादसे में अमरजीत और धर्मेंद्र की मौत हो गई, जबकि गांव के 6 अन्य युवक घायल हो गए। घायलों का इलाज गुजरात में ही चल रहा है। लाश आने में 2 दिन लगे अमरजीत के चचेरे भाई रामनरेश ने कहा कि गुजरात में काम करने वाले अन्य मजदूरों ने हमें हादसे की जानकारी दी। 12 सितंबर की शाम गुजरात से दोनों के शव एंबुलेंस से गांव के लिए भेज गए थे, आज लाशें पहुंची हैं। बेटे ने कहा था, कपड़े लेकर आऊंगा- मां अमरजीत की मां लुखिया देवी ने बताया कि पिकअप पर सवार होने से पहले बेटे ने फोन किया था। उसने मेरी बीमारी के बारे में पूछा और दवा समय पर लेने को कहा। अमरजीत ने कहा था कि छठ पर्व में घर आएंगे तो सभी के लिए गुजरात से कपड़े लेकर आएंगे। इसके बाद उसने कहा कि अभी काम पर जा रहे हैं, रात में लौटकर बात करेंगे। समस्तीपुर में के 2 मजदूरों की गुजरात के गांधीनगर में सड़क हादसे में मौत हो गई। सोमवार शाम दोनों के शव एंबुलेंस से गांव लाए गए। मृतकों में बढ़ौना पंचायत के वार्ड-13 निवासी रामचंद्र पासवान के बेटे अमरजीत पासवान (37) और बहादुर पासवान के बेटे धर्मेंद्र पासवान (34) हैं। दोनों लंबे समय से गुजरात में मजदूरी करते थे। अमरजीत की पत्नी रागनी देवी ने कहा कि घटना वाले दिन सुबह करीब आठ बजे ड्यूटी पर जाने से पहले अमरजीत ने फोन किया था। उन्होंने परिवार के सभी लोगों का हालचाल पूछा और तीज पूजा की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अपनी मां से भी बातचीत की। अमरजीत ने बताया था कि काम का लोड अधिक है और छठ पर्व में घर आएंगे। राबात होने के करीब 2 घंटे बाद उनकी मौत की खबर आ गई। वह परिवार में अकेले कमाने वाले थे। अब परिवार कैसे चलेगा। पिकअप की हाईवा से हो गई थी टक्कर वहीं, मृतक अमरजीत के चचेरे भाई रामनरेश पासवान ने बताया कि गांव के दर्जनभर से अधिक लोग गुजरात में रहकर पोत पर बोरी उतारने का काम करते हैं। 12 सितंबर की सुबह अमरजीत और धर्मेंद्र समेत करीब 25 मजदूर एक पिकअप पर सवार होकर गोदाम में काम करने जा रहे थे। इसी दौरान गांधीधाम स्टेशन श्मशान के पास पिकअप और हाई के बीच टक्कर हो गई। हादसे में अमरजीत और धर्मेंद्र की मौत हो गई, जबकि गांव के 6 अन्य युवक घायल हो गए। घायलों का इलाज गुजरात में ही चल रहा है। लाश आने में 2 दिन लगे अमरजीत के चचेरे भाई रामनरेश ने कहा कि गुजरात में काम करने वाले अन्य मजदूरों ने हमें हादसे की जानकारी दी। 12 सितंबर की शाम गुजरात से दोनों के शव एंबुलेंस से गांव के लिए भेज गए थे, आज लाशें पहुंची हैं। बेटे ने कहा था, कपड़े लेकर आऊंगा- मां अमरजीत की मां लुखिया देवी ने बताया कि पिकअप पर सवार होने से पहले बेटे ने फोन किया था। उसने मेरी बीमारी के बारे में पूछा और दवा समय पर लेने को कहा। अमरजीत ने कहा था कि छठ पर्व में घर आएंगे तो सभी के लिए गुजरात से कपड़े लेकर आएंगे। इसके बाद उसने कहा कि अभी काम पर जा रहे हैं, रात में लौटकर बात करेंगे।  

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