बारां निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, आम आदमी पार्टी की धमाकेदार एंट्री, जानें भाजपा-कांग्रेस को कितनी मिली सीटें

बारां निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, आम आदमी पार्टी की धमाकेदार एंट्री, जानें भाजपा-कांग्रेस को कितनी मिली सीटें

Baran Nikay Chunav Result 2026: बारां। बारां जिले के निकाय चुनाव में इस बार सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई। पहली बार निकाय चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी ने बारां नगर परिषद में 31 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया। निर्दलीयों ने भी 24 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि बसपा को 2 सीटें मिलीं। बारां नगर परिषद समेत जिले की छह निकायों के 210 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस 79 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि भाजपा को 74 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

बारां नगर परिषद में AAP का बड़ा उलटफेर

बारां नगर परिषद के चुनाव परिणाम सबसे ज्यादा चौंकाने वाले रहे। 60 वार्डों में आम आदमी पार्टी ने 31 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कांग्रेस को 18 और भाजपा को महज 9 सीटें मिलीं।

भाजपा के लिए यह परिणाम बड़ा झटका माना जा रहा है। पिछले निकाय चुनाव में भाजपा के खाते में 21 वार्ड थे, लेकिन इस बार पार्टी सिर्फ 9 सीटों पर सिमट गई। वहीं पहली बार मैदान में उतरी AAP ने सीधे बोर्ड बनाने की स्थिति हासिल कर ली।

अंता में 2020 वाला ही चुनावी गणित

अंता में नतीजे बिल्कुल पुराने निकले। 35 वार्डों में कांग्रेस और भाजपा दोनों को 16-16 सीटें मिलीं, जबकि 3 वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए। यानी 2020 का चुनावी गणित 2026 में भी जस का तस रहा।

अटरू में कांग्रेस का पलड़ा भारी

अटरू में कांग्रेस का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है। 25 वार्डों में कांग्रेस ने 14, भाजपा ने 10 और निर्दलीय ने एक सीट जीती। यहां शिक्षा मंत्री के भाई कृष्णमुरारी दिलावर चुनाव तो जीत गए, लेकिन भाजपा बहुमत से दूर रह गई।

छबड़ा में बहुमत से दूर भाजपा

छबड़ा में भाजपा सबसे आगे रही, लेकिन बहुमत से दूर है। भाजपा को 14, कांग्रेस को 12, निर्दलीयों को 7 और बसपा को 2 सीटें मिलीं। ऐसे में बोर्ड गठन में निर्दलीयों की भूमिका अहम होगी।

मांगरोल में भाजपा का स्पष्ट बहुमत

मांगरोल में भाजपा ने साफ बढ़त बनाई। 35 वार्डों में भाजपा ने 19, कांग्रेस ने 10 और निर्दलीयों ने 6 सीटें जीतीं। यहां भाजपा बहुमत के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में है। सीसवाली में कांग्रेस आगे रही, लेकिन बहुमत नहीं मिला। कांग्रेस को 9, भाजपा को 6 और निर्दलीयों को 5 सीटें मिलीं। यहां भी बोर्ड गठन के लिए जोड़-तोड़ की तस्वीर बन सकती है।

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