PF Balance Check: हर महीने सैलरी स्लिप में PF की कटौती देखकर ज्यादातर कर्मचारी मान लेते हैं कि उनका पैसा PF खाते में जमा हो गया है। लेकिन सिर्फ सैलरी से PF कटना इस बात की गारंटी नहीं है कि रकम EPFO के खाते में पहुंच भी गई है। कर्मचारी का PF काटने के साथ कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह कर्मचारी और अपनी तरफ से तय योगदान ईपीएफओ में जमा करे। नियम के मुताबिक, कंपनी को महीने के खत्म होने के 15 दिनों के भीतर कर्मचारी की सैलरी से काटा गया पीएफ और अपनी तरफ का योगदान जमा करना होता है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए सिर्फ सैलरी स्लिप देखना काफी नहीं है। समय-समय पर EPF पासबुक भी चेक करनी चाहिए।
Salary Slip और EPF Passbook को ऐसे मिलाएं
पीएफ जमा हो रहा है या नहीं, यह पता लगाने का सबसे आसान तरीका ईपीएफओ की ई-पासबुक देखना है। इसमें आपके UAN से जुड़े पीएफ खाते में हर महीने जमा हुई रकम का रिकॉर्ड दिखाई देता है। पासबुक में आम तौर पर तीन चीजें देखनी चाहिए: कर्मचारी की तरफ से जमा पीएफ, नियोक्ता यानी कंपनी की तरफ से जमा योगदान और EPS यानी Employees’ Pension Scheme का योगदान।
बेहतर होगा कि कर्मचारी हर कुछ महीने में अपनी ईपीएफ पासबुक चेक करें और उसमें दर्ज रकम का मिलान सैलरी स्लिप से करें। इससे अगर किसी महीने का पीएफ जमा नहीं हुआ है या रकम में कोई गड़बड़ी है, तो उसका समय रहते पता चल सकता है।
UAN से ऑनलाइन देख सकते हैं पीएफ का पूरा हिसाब
ईपीएफओ की वेबसाइट के मुताबिक, जिन सदस्यों का यूएएन एक्टिव है, वे ई-पासबुक के जरिए हर महीने का पीएफ योगदान देख सकते हैं। योगदान खाते में क्रेडिट होने पर एसएमएस भी मिल सकता है। ध्यान रखें कि सिर्फ कर्मचारी के हिस्से की रकम देखना पर्याप्त नहीं है। एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन और ईपीएस कंट्रीब्यूशन की एंट्री भी जरूर जांचें। PF ट्रांसफर, पैसे निकालने या पेंशन से जुड़े लाभ के समय गलत या अधूरी एंट्री परेशानी खड़ी कर सकती है।
EPF Passbook चेक करने का तरीका
अपना पीएफ रिकॉर्ड देखने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: ईपीएफओ मेंबर पासबुक के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और अपने यूएएन की मदद से लॉगिन करें।
स्टेप 2: लॉगिन करने के बाद संबंधित मेंबर आईडी चुनें।
स्टेप 3: अब आपको उस नौकरी की अवधि के दौरान जमा हुए पीएफ योगदान का रिकॉर्ड दिखाई देगा।
ईपीएफओ की तरफ से पासबुक लाइट की सुविधा भी दी जाती है। इसमें योगदान, निकासी और बैलेंस की जानकारी आसान तरीके से देखी जा सकती है। ईपीएफओ की ये सेवाएं उमंग ऐप के जरिए भी इस्तेमाल की जा सकती हैं, जो आईओएस और एंड्रॉयड दोनों फोन पर उपलब्ध हैं।
नौकरी बदल चुके हैं तो Member ID ध्यान से चुनें
अगर आपने कई कंपनियों में काम किया है तो एक ही यूएएन के साथ कई मेंबर आईडी दिखाई दे सकती हैं। ऐसे में जिस कंपनी और जिस अवधि का पीएफ रिकॉर्ड देखना है, उसी से जुड़ी मेंबर आईडी चुनें। यह छोटी सी सावधानी जरूरी है, वरना आप गलत खाते की एंट्री देखकर भ्रमित हो सकते हैं।
PF कट रहा है लेकिन पासबुक में पैसा नहीं दिख रहा तो क्या करें?
यहां सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है। सैलरी से काटी गई रकम तुरंत ईपीएफ पासबुक में दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। सामान्य प्रोसेसिंग अवधि गुजरने के बाद भी अगर रकम नहीं दिखती है, तब मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। सबसे पहले अपनी कंपनी के पेरोल या एचआर विभाग से संपर्क करें और पीएफ डिपॉजिट होने की स्थिति पूछें।
अगर समस्या का समाधान नहीं होता है तो कर्मचारी EPFiGMS यानी EPF i Grievance Management System के जरिए शिकायत दर्ज कर सकता है। पीएफ अधिकारियों के पास लिखित शिकायत भी दी जा सकती है। शिकायत करते समय सैलरी स्लिप, ईपीएफ स्टेटमेंट और आरोप से जुड़े दूसरे जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इसलिए PF की एंट्री और सैलरी स्लिप का रिकॉर्ड संभालकर रखना फायदेमंद है।
कंपनी पीएफ जमा करने में देरी करे तो क्या होगा?
अगर कंपनी कर्मचारी की सैलरी से पीएफ काट लेती है लेकिन तय समय पर ईपीएफओ में जमा नहीं करती, तो कंपनी पर ब्याज और पेनल डैमेज की देनदारी बन सकती है। EPFO FAQ के मुताबिक, बकाया पीएफ जमा होने पर सदस्य को संबंधित अवधि का पूरा ब्याज दिया जाता है। यानी नियोक्ता की देरी के कारण सदस्य के योगदान पर मिलने वाले ब्याज को नुकसान नहीं होना चाहिए। नियोक्ता से नियमों के तहत Section 7Q के तहत penal interest और Section 14B के तहत penal damages वसूले जा सकते हैं।


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