सुपौल सदर अस्पताल परिसर में सोमवार को मिशन परिवार विकास अभियान का शुभारंभ किया गया। सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब ने दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। जिले में 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन और जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। “बच्चे दो ही अच्छे” का दिया संदेश स्वास्थ्य विभाग ने अभियान का मुख्य संदेश “बच्चे दो ही अच्छे” रखा है। इसके तहत योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार उचित परामर्श और सुविधा उपलब्ध कराएंगे। मां-बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य पर जोर अभियान के दौरान परिवार को सीमित रखने के साथ मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। विभाग का जोर परिवार नियोजन को स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती से जोड़कर लोगों तक जानकारी पहुंचाने पर है। बंध्याकरण और नसबंदी की सुविधा जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा कॉपर-टी, गर्भनिरोधक गोलियां, गर्भनिरोधक इंजेक्शन और कंडोम भी निःशुल्क उपलब्ध होंगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दैनिक, साप्ताहिक और आपातकालीन गर्भनिरोधक साधनों के साथ प्रसव पश्चात और गर्भपात उपरांत परिवार नियोजन सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सीएचओ और आशा कार्यकर्ता देंगे जानकारी लोग परिवार नियोजन से जुड़ी जानकारी के लिए अपने क्षेत्र की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना दीदी से संपर्क कर सकते हैं। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से भी आवश्यक परामर्श लिया जा सकता है। छोटा परिवार, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि छोटा और स्वस्थ परिवार बेहतर स्वास्थ्य, बच्चों की अच्छी शिक्षा और आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभाग ने लोगों से परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी लेने और सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन के लिए जागरूक होने की अपील की है। सुपौल सदर अस्पताल परिसर में सोमवार को मिशन परिवार विकास अभियान का शुभारंभ किया गया। सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब ने दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। जिले में 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन और जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। “बच्चे दो ही अच्छे” का दिया संदेश स्वास्थ्य विभाग ने अभियान का मुख्य संदेश “बच्चे दो ही अच्छे” रखा है। इसके तहत योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार उचित परामर्श और सुविधा उपलब्ध कराएंगे। मां-बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य पर जोर अभियान के दौरान परिवार को सीमित रखने के साथ मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। विभाग का जोर परिवार नियोजन को स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती से जोड़कर लोगों तक जानकारी पहुंचाने पर है। बंध्याकरण और नसबंदी की सुविधा जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा कॉपर-टी, गर्भनिरोधक गोलियां, गर्भनिरोधक इंजेक्शन और कंडोम भी निःशुल्क उपलब्ध होंगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दैनिक, साप्ताहिक और आपातकालीन गर्भनिरोधक साधनों के साथ प्रसव पश्चात और गर्भपात उपरांत परिवार नियोजन सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सीएचओ और आशा कार्यकर्ता देंगे जानकारी लोग परिवार नियोजन से जुड़ी जानकारी के लिए अपने क्षेत्र की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना दीदी से संपर्क कर सकते हैं। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से भी आवश्यक परामर्श लिया जा सकता है। छोटा परिवार, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि छोटा और स्वस्थ परिवार बेहतर स्वास्थ्य, बच्चों की अच्छी शिक्षा और आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विभाग ने लोगों से परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी लेने और सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन के लिए जागरूक होने की अपील की है।

