हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों को जल्दबाजी में धान काटने से बचने की सलाह दी है। साथ ही कहा कि पकी हुई फसल मंडी में आएगी तो जल्दी उसकी खरीद की जाएगी। खरीद की जल्दबाजी में ऐसी फसल मंडी में नहीं आनी चाहिए, जिसमें नमी ज्यादा हो। कृषि मंत्री आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर BJP के गीता कमल कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। हाल ही में हुई किसान महापंचायत में 15 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू और नमी 17 से 20% तक करने की मांग रखी थी। मंत्री बोले- कंबाइन ने बढ़ाई नमी की समस्या राणा ने कहा कि पहले किसान धान हाथ से काटता था। कटाई के बाद फसल को खेत में सूखने का समय मिलता था। अब कंबाइन से कटाई होने के कारण फसल जल्दी कट जाती है। एक ही खेत का धान कहीं सूखा होता है और कहीं उसमें नमी ज्यादा होती है। अगर 10-12 दिन भी फसल को और पकने दिया जाए तो उसका नुकसान नहीं होगा। नुकसान नहीं होना चाहिए कृषि मंत्री ने कहा कि किसान को उसकी फसल का पूरा दाम मिलना चाहिए। सरकार की तरफ से खरीद व्यवस्था में किसान को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। समस्या तब पैदा होती है जब ज्यादा नमी वाली धान मंडी में पहुंचती है। धान की आगे मिलिंग होती है और उससे चावल तैयार किया जाता है, इसलिए क्वालिटी और नमी का ध्यान रखना जरूरी है। राइस मिलकर व्यवस्था का हिस्सा कहा कि गेहूं की कटाई और खरीद के बाद सीधा सरकारी गोदाम में चला जाता है, जबकि धान को राइस मिल में भेजना पड़ता है। मिलिंग के बाद चावल तैयार होता है और केंद्र सरकार के लिए भी चावल लिया जाता है। राइस मिलर इस व्यवस्था का हिस्सा हैं और सरकार के साथ मिलकर पूरा सिस्टम चलता है। अब 15 सितंबर पर सबकी नजर हाल ही में किसानों ने महापंचायत में 15 सितंबर से खरीद शुरू करने की मांग रखी है। दूसरी तरफ कृषि मंत्री ने पकी फसल की खरीद का भरोसा दिया है और किसानों से जल्द कटाई से बचने को कहा है। अब निगाह सरकार के फैसले पर है। 15 सितंबर से खरीद शुरू होगी या नहीं और नमी में किसानों को राहत मिलेगी या नहीं। 17 से शुरू होगा अभियान मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर BJP की ओर से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान को बूथ स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश से लेकर जिला, विधानसभा, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। स्कूली बच्चों के साथ जोड़ा अभियान कहा कि इस अभियान में स्कूली बच्चों को भी जोड़ा जाएगा। सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में मेरे सपनों का भारत विषय पर कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों के मन में 2047 के भारत को लेकर अपने विचार और सपने हैं। इन विचारों को सामने लाने के लिए स्कूल स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। अनकही कहानियों का होगा का प्रचार अभियान में ‘सेवा की अनकही कहानियां’ कार्यक्रम भी रखा गया है। इसके तहत छोटी-छोटी टोलियां बनाकर नुक्कड़ नाटक किए जाएंगे। इन नाटकों के जरिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और उनके लाभ की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। मोदी का संगठन और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में लंबा अनुभव रहा है।

