सीवान में स्कूल परिसर में डीजे पर अश्लील डांस:महावीरी मेले में प्रशासन-पुलिस बनी रही मूकदर्शक, अब तक कार्रवाई नहीं

सीवान में स्कूल परिसर में डीजे पर अश्लील डांस:महावीरी मेले में प्रशासन-पुलिस बनी रही मूकदर्शक, अब तक कार्रवाई नहीं

सीवान में महावीरी मेले के दौरान प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी लगातार हो रही है। जिले में तैनात होने के बाद डीएम विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी ने प्रखंड स्तर पर शांति समिति व अखाड़ा समितियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने महावीरी मेले में डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा था। अधिकारियों ने मीडिया के जरिए भी साफ किया था कि आदेश तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके बावजूद अलग-अलग इलाकों से डीजे और ऑर्केस्ट्रा के आयोजन के वीडियो सामने आए हैं। एक गंभीर मामला बड़हरिया थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव से सामने आया है। यहां महावीरी मेले के आयोजन के दौरान प्राइमरी और मिडिल स्कूल बंद रखा गया। स्कूल परिसर में ही बड़े डीजे पर अश्लील गाने बजाकर नर्तकियों का डांस कराया गया। वीडियो में स्कूल परिसर में छोटे बच्चों समेत कई लोग मौजूद दिख रहे हैं। जिस सरकारी स्कूल का परिसर बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए तय है, उसी परिसर में खुलेआम अश्लील गानों पर नृत्य का आयोजन प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कार्यक्रम के दौरान मजिस्ट्रेट-पुलिसकर्मी थे मौजूद मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि कार्यक्रम के दौरान वहां प्रशासनिक ड्यूटी में मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसके बावजूद डीजे बंद कराने या नर्तकियों का कार्यक्रम रोकने की कोई कार्रवाई वीडियो में नहीं दिखी। यानी प्रतिबंध के बावजूद आयोजन चलता रहा और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी स्कूल परिसर में नियमों का उल्लंघन होता रहा। यह वीडियो करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब तक इस मामले में किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। जिले में लगातार डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर प्रतिबंध का दावा करने वाले प्रशासन की जमीनी निगरानी व्यवस्था इस घटना में पूरी तरह कमजोर दिखी। कई अन्य मामलों में वायरल वीडियो के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन भगवानपुर स्कूल परिसर के मामले में अब तक ऐसी कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है। मामले को लेकर बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में सरकारी स्कूल परिसर में हुए इस आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका अब घेरे में हैं। प्रतिबंधित डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर कार्रवाई का दावा तब खोखला नजर आता है, जब बच्चों के स्कूल परिसर तक में प्रशासनिक निगरानी के बीच इस तरह का आयोजन बेरोकटोक चलता रहे। सीवान में महावीरी मेले के दौरान प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी लगातार हो रही है। जिले में तैनात होने के बाद डीएम विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी ने प्रखंड स्तर पर शांति समिति व अखाड़ा समितियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने महावीरी मेले में डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा था। अधिकारियों ने मीडिया के जरिए भी साफ किया था कि आदेश तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके बावजूद अलग-अलग इलाकों से डीजे और ऑर्केस्ट्रा के आयोजन के वीडियो सामने आए हैं। एक गंभीर मामला बड़हरिया थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव से सामने आया है। यहां महावीरी मेले के आयोजन के दौरान प्राइमरी और मिडिल स्कूल बंद रखा गया। स्कूल परिसर में ही बड़े डीजे पर अश्लील गाने बजाकर नर्तकियों का डांस कराया गया। वीडियो में स्कूल परिसर में छोटे बच्चों समेत कई लोग मौजूद दिख रहे हैं। जिस सरकारी स्कूल का परिसर बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए तय है, उसी परिसर में खुलेआम अश्लील गानों पर नृत्य का आयोजन प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कार्यक्रम के दौरान मजिस्ट्रेट-पुलिसकर्मी थे मौजूद मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि कार्यक्रम के दौरान वहां प्रशासनिक ड्यूटी में मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसके बावजूद डीजे बंद कराने या नर्तकियों का कार्यक्रम रोकने की कोई कार्रवाई वीडियो में नहीं दिखी। यानी प्रतिबंध के बावजूद आयोजन चलता रहा और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी स्कूल परिसर में नियमों का उल्लंघन होता रहा। यह वीडियो करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब तक इस मामले में किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। जिले में लगातार डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर प्रतिबंध का दावा करने वाले प्रशासन की जमीनी निगरानी व्यवस्था इस घटना में पूरी तरह कमजोर दिखी। कई अन्य मामलों में वायरल वीडियो के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन भगवानपुर स्कूल परिसर के मामले में अब तक ऐसी कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है। मामले को लेकर बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में सरकारी स्कूल परिसर में हुए इस आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका अब घेरे में हैं। प्रतिबंधित डीजे और ऑर्केस्ट्रा पर कार्रवाई का दावा तब खोखला नजर आता है, जब बच्चों के स्कूल परिसर तक में प्रशासनिक निगरानी के बीच इस तरह का आयोजन बेरोकटोक चलता रहे।  

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