अगर आप भी सोशल मीडिया और इंटरनेट पर दिख रहे लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आकर ऑनलाइन दवाएं मंगवा रहे हैं, तो रुक जाइए। यह लापरवाही आपकी सेहत और जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। बरेली पुलिस ने एक ऐसे ही अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए देश भर में नकली दवाएं सप्लाई कर रहा था। सैलानी में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर थाना बारादरी पुलिस को सूचना मिली थी कि सैलानी इलाके में यादगार रेस्टोरेंट के पास एक मकान में बिना किसी वैध लाइसेंस के कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। जब पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की, तो वहां लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिए ग्राहकों को झांसा देकर नकली दवाएं बेचने का पूरा नेटवर्क चलता पाया गया। पुलिस ने मौके से तीन शातिर अभियुक्तों—साजिद मलिक, इस्लाम और मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरोह के दो अन्य मुख्य मास्टरमाइंड—रऊफ और रिजवान मियां फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। 3 दिन में शुगर ठीक करने का फर्जी दावा पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी इस्लाम ने बताया कि वह पूरे सेटअप का टेक सपोर्ट संभालता था। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर “3 दिन में 100% शुगर ठीक करने” जैसे फर्जी और भ्रामक विज्ञापन चलाए जाते थे। ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए उन्होंने ‘Shopify’ पर फर्जी वेबसाइट बनाई थी और खुद को उत्तराखंड के अल्मोड़ा की कंपनी बताते थे। जैसे ही कोई पीड़ित विज्ञापनों को देखकर कॉल करता, आरोपी उन्हें कैश ऑन डिलीवरी (COD) के जरिए ‘डायबो डायबिटिक पाउडर’ और ‘ब्रह्म शुगर केयर’ जैसी नकली दवाएं कूरियर कर देते थे। फर्जीवाड़ा छिपाने के लिए असली कंपनियों के नाम से फर्जी बिल भी तैयार किए जाते थे। सीबीगंज से सैलानी शिफ्ट किया था ठिकाना मुख्य आरोपी साजिद ने बताया कि यह फर्जी कंपनी उसने अपने भाई रऊफ और साथी रिजवान के साथ मिलकर खड़ी की थी। दवाइयां बनवाने और डिब्बों की पैकिंग का काम रऊफ और रिजवान देखते थे। इससे पहले यह पूरा काला कारोबार सीबीगंज इलाके से चल रहा था, लेकिन पुलिस से बचने के लिए एक महीने पहले ही इसे सैलानी के किराए के मकान में शिफ्ट किया गया था। पुलिस अफसर का बयान: बिना लाइसेंस चल रहा था कॉल सेंटर, भारी मात्रा में उपकरण व नकली दवाएं जब्त पूरे मामले में ASP/CO सिटी 3rd शिवम आशुतोष ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने यादगार रेस्टोरेंट के पास स्थित सैलानी के मकान पर रेड मारी थी। वहां आरोपी लैपटॉप और मोबाइल के जरिए बिना लाइसेंस फर्जी ऑनलाइन कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। पुलिस ने मौके से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 75 फर्जी दवाइयों के पैकेट (Diabo Diabetic Powder, Brahm Sugar Care), 14 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 चार्जर के साथ-साथ फर्जी बिल, फर्जी शिपिंग लेबल और वेबसाइट का डेटा बरामद किया गया है। पुलिस ने थाना बारादरी में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जान जोखिम में डालने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार और फरार आरोपियों का पूरा विवरण पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में साजिद मलिक (पुत्र मोहम्मद उमर, निवासी जादोपुर, थाना भोजीपुरा, बरेली), इस्लाम (पुत्र सुलेमान, निवासी एजाजनगर गौटिया, थाना बारादरी, बरेली) और मोहम्मद जफर (पुत्र जाकिर हुसैन, निवासी पशुपति विहार, थाना बारादरी, बरेली) शामिल हैं। वहीं गिरोह के मुख्य साझीदार रऊफ (पुत्र मोहम्मद उमर, निवासी जादोपुर, भोजीपुरा) और रिजवान मियां (पुत्र नियामतउल्ला, निवासी पूरनपुर, जिला पीलीभीत) फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। भास्कर खास: एक नजर में

