सीहोर के इछावर तहसील के बालोड़िया गांव में गुरुवार को एक सरकारी कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और कलेक्टर बालागुरु के बीच मजेदार बातचीत हुई। उनकी हंसी-मजाक ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। मंत्री करणसिंह वर्मा ने कलेक्टर को जीवन और प्रशासनिक सेवा का फलसफा समझाया। उन्होंने कहा कि पद और जीवन दोनों ही अस्थायी हैं। इसलिए जब तक जिम्मेदारी मिली है, जनता के हित में खुलकर और खुशी-खुशी काम करना चाहिए। कहा- ‘न मेरी कोई गारंटी है, न आपकी’
माइक हाथ में लेकर मंत्री ने कलेक्टर से कहा, “अरे यार न मेरी कोई गारंटी है, न आपकी गारंटी है।” उन्होंने आगे कहा, “आज आप कलेक्टर हो, कल नहीं रहोगे। आज मैं मंत्री हूँ, कल नहीं रहूँगा।” मंत्री ने जोर देकर कहा कि जब तक पद पर हैं, काम करने में ही असली मजा आता है। उनकी इस बात पर मंच पर बैठे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने खूब ठहाके लगाए।
जनहित में हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए
बातचीत के दौरान राजस्व मंत्री ने कलेक्टर की स्थानीय भाषा पर भी चुटकी ली। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कलेक्टर साहब पहले यहां की भाषा नहीं जानते थे। अब वे काफी सीख गए हैं और काम भी बढ़िया कर रहे हैं। मंत्री के इस कमेंट पर कलेक्टर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इस हंसी-मजाक के बीच मंत्री करणसिंह वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों को एक साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनहित के मामलों में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। जनता का कोई भी काम बिना किसी परेशानी के तुरंत पूरा किया जाना चाहिए।

